बिहार में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगी तेजी, हर गांव में DCS और पंचायतों में सुधा केंद्र की तैयारी

बिहार में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगी तेजी, हर गांव में DCS और पंचायतों में सुधा केंद्र की तैयारी

सात निश्चय–3 के तहत बिहार सरकार डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र को नई दिशा देने जा रही है. हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति, सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र, इलेक्ट्रिक कार्ट से दूध की होम डिलीवरी और ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है.

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बिहार में डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मिलेगी तेजी, हर गांव में DCS और पंचायतों में सुधा केंद्र की तैयारीबिहार में मत्स्य पालन के क्षेत्र में बड़ा काम

सात निश्चय–2 के बाद अब सात निश्चय–3 के तहत बिहार के विकास की गति देने को लेकर सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की जा रही है. इसी के तहत डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर प्रस्तावित योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. जहां हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति (डीसीएस) और सभी पंचायतों में “सुधा बिक्री केंद्र” की परिकल्पना को सशक्त रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया. वहीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता ने दूध की होम डिलीवरी से लेकर मत्स्य किसान उत्पादक संघ के गठन को गति देने को लेकर विशेष जोर दिया.

लोगों को मिलेगी ताजी मछली, शुरू होगी सेवा

ऐसा प्रायः देखने को मिलता है कि अधिकांशतः मछली खाने वाले लोगों को ताजी मछली नहीं मिल पाती है. अब मछली प्रेमियों को ताजी मछली मिले, इसको लेकर विभाग की ओर से ताज़ी और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराने के लिए “फ्रेश कैच” नाम से फिश आउटलेट्स खोलने और मत्स्य पालकों को तकनीकी परामर्श और त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के लिए मत्स्य चिकित्सक एवं मत्स्य टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.

इलेक्ट्रिक कार्ट से घरों तक पहुंचेगा दूध

विभाग की ओर से आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने विभागीय योजनाओं पर विषयवार विस्तृत प्रस्तुति दी और इस कड़ी में उपभोक्ताओं के घर तक दूध पहुंचाने को लेकर उसकी अवधारणा और संरचना पर विस्तृत चर्चा की गई. उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की योजना को भी आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया.

मत्स्य किसान उत्पादक संघ को मजबूती

विभाग की ओर से आयोजित बैठक में डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया गया. इसके साथ ही मत्स्य पालन क्षेत्र में मत्स्य किसान उत्पादक संघ (FFPO) के गठन को गति देने के अलावा उन्नत और उच्च मानक की मत्स्य प्रजातियों के चिन्हीकरण और मत्स्य पालकों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की गई. वहीं, बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, विशेष सचिव गीता सिंह, निदेशक गव्य केदारनाथ सिंह, निदेशक मत्स्य दिलीप कुमार और कॉम्फेड एवं मत्स्य निदेशालय के अन्य वरीय पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे.

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