किसानों को मिलेगी हाईटेक ट्रेनिंगबिहार के किसान खेती में नए और आधुनिक तकनीक का ज्ञान अर्जित करें. इसको लेकर कृषि विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों के किसानों के लिए अंतरराज्यीय प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम संचालित किया जाता रहा है. कृषि विभाग के मंत्री रामकृपाल यादव ने अंतरराज्यीय प्रशिक्षण और परिभ्रमण कार्यक्रम को लेकर बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय में निरंतर वृद्धि, कृषि के आधुनिकीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग, बिहार के अंतर्गत कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), जमुई द्वारा किसानों के लिए एक महत्वाकांक्षी अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है.
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्राकृतिक खेती और पर्यावरण संरक्षण के विज़न और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के संकल्प के अनुरूप जनवरी महीने में दो और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इसके तहत जहां 19 जनवरी से 20 किसानों का एक दल आईसीएआर–आईएआरआई, हजारीबाग में 5 दिवसीय प्राकृतिक खेती में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है.
साल के शुरुआती महीने की अंतिम तारीख यानी 31 जनवरी को राज्य के किसानों का एक अन्य दल केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ जाएगा, जहां उन्हें पुराने फलों के बागों के वैज्ञानिक जीर्णोद्धार की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बागवानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके. बता दें कि बिहार में आम और लीची से जुड़े कई पुराने बाग हैं, जिनके जीर्णोद्धार को लेकर वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को सलाह दी जाती रही है.
बिहार सरकार की ओर से पहले भी कई किसानों को बकरी पालन से लेकर सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत भेजा जा चुका है. इसमें उन्नत बकरी पालन के लिए 20 किसानों के दल ने आईसीएआर केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मखदूम, मथुरा में प्रशिक्षण प्राप्त किया. वहीं, सब्जी उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से 20 किसानों ने भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में प्रशिक्षण लिया है. इसके अलावा दलहन उत्पादकता बढ़ाने के लिए 20 किसानों के दल को भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर में 3 दिवसीय शैक्षणिक-सह-परिभ्रमण कराया जा चुका है.
वहीं अब इस कार्यक्रम के तहत जमुई जिले के चयनित प्रगतिशील किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा जा रहा है, ताकि वे आधुनिक, वैज्ञानिक और नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से सीख सकें. प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटने के बाद ये किसान अपने क्षेत्र में अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगे और आधुनिक खेती को बढ़ावा देंगे.
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