बिहार में फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजीदेश भर में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री को गति देने के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारें काम कर रही हैं. वहीं बिहार में एग्री स्टेट महा अभियान के तहत फार्म रजिस्ट्री में तेजी लाने को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग काफी सक्रिय दिख रहा है. राज्य के अधिक से अधिक किसानों को फार्म रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, इसको लेकर विभाग की ओर से राज्य के 38 जिलों के लिए वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है.
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के निर्देशानुसार 17 जनवरी से लेकर 21 जनवरी तक सभी जिलों में पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं. इन कैंपों में काम आसानी से और बिना किसी व्यवधान के हो, इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है. करीब दर्जन भर से अधिक अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति फार्म रजिस्ट्री कार्यों के लिए की गई है.
फार्मर रजिस्ट्री के तहत राज्य के अधिक से अधिक किसानों को जोड़ने को लेकर विभाग की ओर से कई जिलों में अधिकारियों की प्रतिनियुक्त की गई है, जिसमें विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह को रोहतास, कैमूर, बक्सर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं अपर सचिव महेंद्र पाल को पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार और अपर सचिव आजीव वत्सराज को दरभंगा, समस्तीपुर, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर को बेगूसराय, खगड़िया जिले की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी को गया, औरंगाबाद और बिहार सर्वेक्षण कार्यालय गुलजारबाग की उप-निदेशक मोना झा को पटना, जहानाबाद की जिम्मेदारी दी गई है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप-सचिव डॉ. सुनील कुमार को बांका, भागलपुर के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है. वहीं उप-सचिव संजय कुमार सिंह को गोपालगंज, सिवान, अमरेंद्र कुमार, सहायक निदेशक कृषि गणना को जमुई, शेखपुरा, विशेष कार्य पदाधिकारी सोनी कुमारी को वैशाली, अरवल और विशेष कार्य पदाधिकारी, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय नवाजिश अख्तर को भोजपुर, मुंगेर के लिए विभाग की ओर से प्रतिनियुक्ति किया गया है.
साथ ही सहायक निदेशक, कृषि गणना सुमीत कुमार आनंद को मधुबनी, लखीसराय, सहायक निदेशक, कृषि गणना सुधांशु शेखर को नालंदा, नवादा की जिम्मेदारी दी गई है. इसके साथ ही पंकज कुमार झा, भू-अर्जन निदेशालय को मधेपुरा, सुपौल, सहरसा और नीरज कुमार सिंह, भू-अर्जन निदेशालय को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से एग्री स्टैक महा अभियान को सफल बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि जिन अधिकारियों को जिस जिले के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है, उस जिले की प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन करना अनिवार्य है, ताकि किसानों को डिजिटल पहचान देने और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और समयबद्ध लाभ दिलाने की दिशा में कार्य आसानी से हो सके.
वहीं विभाग का मानना है कि जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति से फील्ड स्तर पर कार्यों की गति बढ़ेगी, समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और फार्मर रजिस्ट्री का लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सकेगा.
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