हिसार के गांव में पानी के लिए 13 दिन से आंदोलन, पाइलाइन तोड़ने की चेतावनी, चढ़ूनी बोले- चनौत को अकेला न समझें

हिसार के गांव में पानी के लिए 13 दिन से आंदोलन, पाइलाइन तोड़ने की चेतावनी, चढ़ूनी बोले- चनौत को अकेला न समझें

हांसी के चनौत गांव में पेयजल की मांग को लेकर महापंचायत में अभय सिंह चौटाला, जय प्रकाश और गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत कई नेता पहुंचे. दूसरी ओर चरखी दादरी में जल संकट के बीच मंत्री रणबीर गंगवा ने दो एसडीओ और दो जेई के निलंबन के निर्देश दिए हैं.

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हिसार के गांव में पानी के लिए 13 दिन से आंदोलन, पाइलाइन तोड़ने की चेतावनी, चढ़ूनी बोले- चनौत को अकेला न समझेंचनौत गांव में जलसंकट को लेकर महापंचायत

हरियाणा में भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के चनौत गांव में जहां ग्रामीण पिछले 13 दिनों से आंदोलन पर डटे हुए हैं, वहीं, चरखी दादरी शहर और आसपास के गांवों में भी पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोगों को निजी टैंकरों के भरोसे रहना पड़ रहा है. हांसी के गांव चनौत में पेयजल की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब बड़े आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है. गांव के लोग पिछले 13 दिनों से हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन परियोजना का विरोध कर रहे हैं.

इसी मुद्दे को लेकर गांव में गुरुवार को महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें कई प्रमुख राजनीतिक और किसान नेताओं ने हिस्सा लिया. महापंचायत में इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला, हिसार सांसद जय प्रकाश, नरनौंद विधायक जस्सी पेटवार, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी और हर्ष चिकारा सहित अनेक लोग मौजूद रहे. सभी नेताओं ने ग्रामीणों की मांग को गंभीर बताते हुए समाधान की जरूरत पर जोर दिया.

ग्रामीणों ने पाइपलाइन तोड़ने की दी चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि जिस पाइपलाइन के जरिए हांसी शहर को पेयजल उपलब्ध कराया जाना है, उसी व्यवस्था से चनौत गांव को भी स्थायी रूप से पानी दिया जाए. गांव लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहा है और अब बिना स्थायी समाधान के पाइपलाइन को आगे नहीं जाने दिया जाएगा. महापंचायत में ग्रामीणों ने कहा कि अगर 1 जून तक गांव को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो पाइपलाइन को तोड़कर सड़क पर डाल दिया जाएगा. पहले गांव को पानी दिया जाए, उसके बाद ही पाइपलाइन को आगे बढ़ने दिया जाएगा.

सरकार पर लगाए गए गंभीर आरोप

अभय सिंह चौटाला ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर गांव को पानी से वंचित रख रही है. वहीं, हिसार सांसद जय प्रकाश ने ग्रामीणों की मांग को उचित बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की. नरनौंद विधायक जस्सी पेटवार ने कहा कि जब तक गांव के लिए स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने प्रशासन को दी चेतावनी

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि यह समझने की गलती न की जाए कि चनौत अकेला है. पूरा हरियाणा गांव के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग जायज है और सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए.

वहीं, गांव के पूर्व सरपंच सत्यवान दुहान ने कहा कि चनौत कई वर्षों से गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा कि जब तक गांव को नियमित और स्थायी रूप से पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा.

चरखी दादरी में भी पेयजल आपूर्ति चरमराई

उधर, चरखी दादरी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पिछले करीब एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है. कई मोहल्लों और गांवों में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है.

शहर में रहने वाले संदीप फोगाट, सुदामा प्रसाद और ग्रामीण प्रीतम साहू ने बताया कि सरकारी जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण लोग निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं. एक टैंकर के लिए 800 से 900 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. क्षेत्र के अधिकांश जलाशय और नहरें भी सूखी पड़ी हैं.

मंत्री रणबीर गंगवा ने की कार्रवाई

कई क्षेत्रों में अनियमित जलापूर्ति की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने दो एसडीओ और दो जेई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है और अधिकारियों को पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.

जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता सोहन लाल जांगड़ा ने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई मुख्य पाइपलाइनें बिछाई गई हैं. उन्होंने माना कि नई लाइन को पुराने नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया के दौरान कुछ इलाकों में अस्थायी दिक्कतें पैदा हुई हैं, लेकिन स्थिति को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है.

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