CM Mohan Yadavमध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उन किसानों को हेलमेट उपलब्ध कराएगी, जो अपनी कृषि उपज बेचने के लिए मोटरसाइकिल से गांवों से कस्बों और शहरों तक जाते हैं. मुख्यमंत्री का मानना है कि यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में किसानों की जान बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगी.
रविवार को शुजालपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 134वें एपिसोड को सुनने के बाद किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बड़ी संख्या में किसान दूध, फल, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद मोटरसाइकिल के जरिए बाजार तक पहुंचाते हैं. ऐसे में हेलमेट नहीं पहनने के कारण दुर्घटना की स्थिति में उनकी जान को खतरा रहता है. इसी को देखते हुए सरकार ने किसानों को हेलमेट उपलब्ध कराने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और यह कदम उन्हें सड़क हादसों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने किसानों से यातायात नियमों का पालन करने और हमेशा हेलमेट पहनकर यात्रा करने की अपील भी की.
मोहन यादव ने यह भी कहा कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है. कृषि और पशुपालन से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी.
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जो भी फैसले लेती है, उन्हें लागू भी करती है. हमने 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एक करोड़ मीट्रिक टन से ज़्यादा गेहूं खरीदकर एक रिकॉर्ड बनाया है. हमने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने लगभग 14 लाख किसानों से गेहूं खरीदकर एक और रिकॉर्ड बनाया है, जो देश में सबसे ज़्यादा है.
CM मोहन यादव ने कहा कि सरकार सोयाबीन के लिए 'भावांतर योजना' के ज़रिए किसानों से किए गए अपने वादे को पूरा कर रही है और उड़द की खेती को भी बढ़ावा दे रही है. भावांतर योजना (कीमत में अंतर का भुगतान करने वाली योजना) एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत मध्य प्रदेश सरकार किसानों को आधिकारिक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और जिस दर पर वे अपनी फसल बेचते हैं, उसके बीच के अंतर की भरपाई करती है.
उन्होंने कहा कि पहली बार हम उड़द पर बोनस दे रहे हैं. दालों के उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में पहले स्थान पर है और हम इस दिशा में और भी आगे बढ़ रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां एक ओर सरकार कृषि पर ध्यान दे रही है, वहीं वह राज्य के भीतर उद्योगों के ज़रिए दालों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की भी कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि हमने आयातित अरहर दाल पर टैक्स में राहत देकर अपना वादा पूरा किया है. सरकार कपास और कई अन्य फसलों के किसानों को भी लाभ पहुंचा रही है. आने वाले सीज़न में बारिश के बाद जब रबी की फसल आएगी, तो हम किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराएंगे ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
मोहन यादव ने कहा कि उड़द और मूंग उगाने वाले किसानों का रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है और सरकार इन फसलों की भी खरीद करेगी. मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' (कृषि वर्ष) घोषित किया है, जिसके तहत राज्य के 16 विभाग मिलकर खेती को एक पारंपरिक पेशे से बदलकर एक लाभदायक और तकनीक-आधारित उद्यम बनाने के लिए एकजुट हुए हैं. (PTI)
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