फूल उत्पादक किसानों की बड़ी मांगआगामी विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली जिले के फूल उगाने वाले किसान अपनी कुछ अहम मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं. किसानों का कहना है कि श्रीरंगम इलाके में एक फूलों का रिसर्च सेंटर (अनुसंधान केंद्र) बनाया जाए, जैसा कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में है. इससे फसलों में लगने वाले कीट और बीमारियों का समय पर पता चल सकेगा और किसानों को सही इलाज मिल पाएगा, जिससे पैदावार बढ़ेगी.
इसके अलावा किसानों ने यह भी मांग की है कि इलाके में एक इत्र (परफ्यूम) बनाने की यूनिट लगाई जाए. उनका कहना है कि जब फूलों की ज्यादा पैदावार होती है और दाम गिर जाते हैं, तब वे इन्हें इस यूनिट में बेचकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
बता दें कि श्रीरंगम क्षेत्र में लगभग 2,000 एकड़ भूमि पर फूलों की खेती की जाती है , जहां अलग-अलग प्रकार के फूल उगाए जाते हैं. यहां चमेली, गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी और सुगंधराज जैसे कई तरह के फूल उगाए जाते हैं. इसके अलावा कई सजावटी और खुशबूदार पौधों की भी खेती की जाती है.
किसानों का कहना है कि वे हर चुनाव के समय अपनी मांगें उठाते हैं, क्योंकि उनकी आजीविका पूरी तरह फूलों की खेती पर निर्भर है. किसान पेन्नन ने बताया कि जिस तरह यहां केले का रिसर्च सेंटर है, उसी तरह फूलों के लिए भी केंद्र बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे पिछले 20 सालों से इत्र यूनिट की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
किसान राजेंद्रन ने बताया कि यहां के किसान बहुत मेहनती हैं और अपनी फसल बचाने के लिए कई बार दिन में 18 घंटे तक काम करते हैं. उन्होंने सरकार से अपील की है कि अगले साल तक यहां भी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की तरह एक रिसर्च सेंटर बनाया जाए. एक अन्य किसान दुरैराज ने बताया कि वे पीढ़ियों से फूलों की खेती कर रहे हैं और इस क्षेत्र में 12 से ज्यादा किस्म के फूल उगाए जाते हैं. उन्होंने सरकार और बागवानी विभाग से किसानों की समस्याओं को जल्द हल करने की मांग की है. किसान चाहते हैं कि सरकार उनकी मदद करें, ताकि उन्हें अपनी मेहनत का सही दाम मिल सके और उनकी आमदनी बढ़े. (ANI)
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