Jammu and Kashmir: पारंपरिक खेती से हटकर स्ट्रॉबेरी की खेती की ओर बढ़े युवा, उधमपुर बना नया हब

Jammu and Kashmir: पारंपरिक खेती से हटकर स्ट्रॉबेरी की खेती की ओर बढ़े युवा, उधमपुर बना नया हब

उधमपुर जिला इन दिनों “स्ट्रॉबेरी क्रांति” से गुजर रहा है. यहां के युवा अब पारंपरिक खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी जैसी महंगी और ज्यादा कमाई वाली फसल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार की मदद और नई योजनाओं के कारण कई युवा अब खुद का काम शुरू कर रहे हैं. 

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Jammu and Kashmir: पारंपरिक खेती से हटकर स्ट्रॉबेरी की खेती की ओर बढ़े युवा, उधमपुर बना नया हबस्ट्रॉबेरी की खेती

जम्मू-कश्मीर का उधमपुर जिला इन दिनों “स्ट्रॉबेरी क्रांति” से गुजर रहा है. यहां के युवा अब पारंपरिक खेती छोड़कर स्ट्रॉबेरी जैसी महंगी और ज्यादा कमाई वाली फसल की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. सरकार की मदद और नई योजनाओं के कारण कई युवा अब खुद का काम शुरू कर रहे हैं. दरअसल, माजलता क्षेत्र के थलोरा गांव के रहने वाले एक प्रगतिशील किसान विनोद शर्मा इसका अच्छा उदाहरण हैं. उन्होंने एक सफल स्ट्रॉबेरी फार्म की स्थापना करके एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है.

12 कनाल जमीन पर शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती

भारत सरकार और बागवानी विभाग द्वारा शुरू की गई अलग-अलग स्वरोजगार योजनाओं से प्रेरित होकर, शर्मा ने अपनी 12 कनाल जमीन पर पारंपरिक फसलों से हटकर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की. उनके इस उद्यम ने न केवल उनके परिवार के लिए अच्छी आजीविका सुनिश्चित की है, बल्कि आज वे एक सफल किसान और उद्यमी बन चुके हैं. उनकी इस पहल से न सिर्फ उनकी कमाई बढ़ी है, बल्कि उन्होंने 6-7 लोगों को रोजगार भी दिया है.

चार महीनें में कमाते हैं लाखों रुपये

पिछले साल अच्छा मुनाफा कमाने के बाद किसान विनोद शर्मा को इस बार भी बढ़िया फसल की उम्मीद है. उनका मानना है कि सिर्फ 4 महीनों में वे लाखों रुपये कमा सकते हैं. यह दिखाता है कि नई खेती तकनीक और सरकार की योजनाओं की मदद से किसान कम समय में ज्यादा कमाई कर सकते हैं. 

उधमपुर को "स्ट्रॉबेरी हब" बनाने का लक्ष्य

उधमपुर के मुख्य बागवानी अधिकारी (सीएचओ) बृज वल्लभ गुप्ता ने उधमपुर को "स्ट्रॉबेरी हब" बनाने का लक्ष्य रखा गया है. जिले में वर्तमान में 62 किसान स्ट्रॉबेरी की खेती में लगे हुए हैं, और विभाग का लक्ष्य जल्द ही इस संख्या को 500 तक पहुंचाना है.

सरकारी योजनाओं का फायदे से करें खेती

विनोद शर्मा ने अन्य युवाओं से अपील की है कि वे सिर्फ नौकरी ढूंढने के बजाय खुद का काम शुरू करें और “जॉब देने वाले” बनें. उन्होंने कहा कि सरकार की सब्सिडी और नई मशीनों का फायदा उठाकर खेती को एक अच्छा बिजनेस बनाया जा सकता है. वहीं, खेत में काम करने वाले अनिल सिंह ने बताया कि यहां काम करके उन्हें खुशी और रोजगार मिला है. पहले वे दूसरे काम करते थे, लेकिन अब सालभर यहीं काम कर रहे हैं.  थलोरा के एक खरीदार वंश ने  कहा कि यहां की स्ट्रॉबेरी बहुत स्वादिष्ट और ताजी है. यह जैविक तरीके से उगाई जाती है, इसलिए इसकी मांग भी तेजी से बढ़ रही है. उधमपुर में स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों और युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है. (ANI)

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