खरीदी केंद्रों की बदहाली से नाराज किसान, रायसेन में दो घंटे किया चक्काजाम

खरीदी केंद्रों की बदहाली से नाराज किसान, रायसेन में दो घंटे किया चक्काजाम

रायसेन जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी और अव्यवस्थाओं से नाराज किसानों ने भोपाल-विदिशा मार्ग पर चक्काजाम किया. किसानों ने पानी, छाया और सही तौल जैसी सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. कई गांवों के किसान प्रदर्शन में शामिल हुए और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की.

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खरीदी केंद्रों की बदहाली से नाराज किसान, रायसेन में दो घंटे किया चक्काजामसड़क पर उतरे किसान

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में गेहूं खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया. खरीदी केंद्रों पर लगातार हो रही परेशानियों और खराब व्यवस्था से नाराज किसानों ने भोपाल-विदिशा मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहे पर किया गया, जहां बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा हुए और करीब दो घंटे तक सड़क जाम रखी. किसानों का कहना था कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थाएं पूरी तरह बिगड़ी हुई हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

किसान जागृति संगठन ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व

इस प्रदर्शन का नेतृत्व किसान जागृति संगठन ने किया. संगठन के साथ आसपास के कई गांवों के किसान भी शामिल हुए. किसानों ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया ठीक तरीके से नहीं चल रही है. खरीदी केंद्रों पर बारदाने की भारी कमी है, जिसके कारण किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीदा जा रहा. किसान कई दिनों से अपनी उपज लेकर केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा.

स्लॉट बुक होने के बाद भी नहीं हो रही खरीदी

किसानों ने बताया कि सरकार की ओर से गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था बनाई गई है, लेकिन जमीन पर स्थिति बिल्कुल अलग है. कई किसानों का कहना है कि उन्होंने समय पर स्लॉट बुक कर लिया था, लेकिन वेयरहाउस भरे होने की वजह से उनकी उपज खरीदी नहीं जा रही. परेशानी की बात यह है कि स्लॉट रद्द करने का विकल्प भी उपलब्ध नहीं है. ऐसे में किसान ना तो नया स्लॉट ले पा रहे हैं और ना ही अपनी उपज कहीं और बेच पा रहे हैं.

कई किसानों ने कहा कि गेहूं लेकर कई दिनों तक केंद्रों के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है. इससे समय और पैसे दोनों का नुकसान हो रहा है. खेतों से गेहूं लाने और ट्रॉली किराए का खर्च अलग से उठाना पड़ रहा है. किसानों का कहना है कि अगर समय पर खरीदी नहीं हुई तो उन्हें मजबूरी में कम दाम पर अपनी फसल बेचनी पड़ सकती है.

खरीदी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं की भी कमी

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने खरीदी केंद्रों पर जरूरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया. किसानों का कहना है कि केंद्रों पर पीने के पानी तक की सही व्यवस्था नहीं है. तेज गर्मी में घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें छाया की सुविधा नहीं मिल रही. कई जगह किसान खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हैं.

इसके अलावा किसानों ने तोल-कांटों में गड़बड़ी और तौल में हेराफेरी के आरोप भी लगाए. उनका कहना है कि गेहूं की तौल सही तरीके से नहीं की जा रही, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है. किसानों ने मांग की कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और सभी केंद्रों पर सही व्यवस्थाएं की जाएं.

कई गांवों के किसान हुए शामिल

इस चक्काजाम में सलामतपुर और उसके आसपास के कई गांवों के किसान शामिल हुए. इनमें ढकना, मेढकी, तिजलपुर, बागौद, सेवासनी, दीवानगंज, सेमरा, कचनारिया, जमुनिया, पैमद, मानपुर, बरनीजागीर, पौहरा, बरोला, कटसारी, चपना, राता तलाई, हिनोतिया, शाहपुर और पगनेश्वर जैसे गांवों के किसान बड़ी संख्या में पहुंचे.

किसानों ने साफ कहा कि अगर जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा. किसानों का कहना है कि वे सिर्फ अपनी मेहनत की फसल का सही दाम और सम्मान चाहते हैं. उनका आरोप है कि सरकार किसानों के लिए योजनाएं तो बनाती है, लेकिन जमीन पर उन योजनाओं का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा.

प्रशासन से जल्द समाधान की मांग

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से मांग की कि खरीदी केंद्रों पर तुरंत बारदाने की व्यवस्था की जाए और वेयरहाउस की समस्या का समाधान निकाला जाए. साथ ही किसानों को पीने का पानी, छाया और बैठने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. किसानों ने यह भी कहा कि गेहूं खरीदी की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाए ताकि उन्हें बार-बार परेशान न होना पड़े.

रायसेन में किसानों का यह प्रदर्शन अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और जिला प्रशासन किसानों की इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी कर पाते हैं. (राजेश कुमार रजक का इनपुट)

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