
किसानों की पुलिस से हुई झड़पपंजाब के फरीदकोट में गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘शुक्राना यात्रा’ के दौरान उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अपनी मांगों को लेकर पहुंचे किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई. पुलिस ने किसानों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई. दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत मान शाम करीब 6.50 बजे फरीदकोट पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 13 मिनट तक लोगों को संबोधित किया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और फूलों की वर्षा कर समर्थन जताया. इसके बाद मुख्यमंत्री कोटकापूरा भी पहुंचे, जहां उन्होंने ‘शुक्राना यात्रा’ के तहत लोगों से संवाद किया.
वहीं, दूसरी ओर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के किसान अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से बातचीत करना चाहते थे. किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने पहले से सख्त इंतजाम किए थे. जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला पहुंचा और किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिससे हालात बिगड़ गए और झड़प हो गई. बताया जा रहा है कि फरीदकोट में किसान कई दिनों से सहकारी खेती-बाड़ी विकास बैंक के बाहर धरना दे रहे हैं. इस धरने में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल भी किसानों के साथ मौजूद हैं.

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बेअदबी के मामलों पर सख्त रुख दिखाते हुए कहा कि पिछली सरकारें चाहतीं तो सख्त कानून बना सकती थीं, लेकिन उनकी नीयत ठीक नहीं थी. उन्होंने कहा कि अब ऐसे कानून बनाए गए हैं, जिनसे दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी और कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि वह दरबार साहिब में मत्था टेक कर आए हैं और अगले दिन दमदमा साहिब जाने का कार्यक्रम है.
वहीं, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सहकारी बैंक पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बैंक किसानों से कर्ज के दौरान खाली चेक लेकर धोखाधड़ी कर रहा है और कर्ज चुकाने के बाद भी दोबारा एंट्री दिखाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से गांव हरी नौ के दो सगे भाइयों को आत्महत्या करनी पड़ी और ऐसे कई मामले पंजाब भर में सामने आ चुके हैं.
डल्लेवाल ने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हित में काम करने के बजाय कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने की नीति पर चल रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि किसान अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और किसी भी किसान की जमीन कुर्क नहीं होने देंगे. साथ ही, शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के सामान की कथित लूट की भरपाई भी सरकार से करवाई जाएगी.
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