Mamata Banerjee का चुनावी वादा: 30,000 करोड़ का कृषि बजट, किसानों और मजदूरों को सीधी मदद

Mamata Banerjee का चुनावी वादा: 30,000 करोड़ का कृषि बजट, किसानों और मजदूरों को सीधी मदद

Mamata Banerjee ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 10 प्रतिज्ञाओं वाला घोषणा पत्र जारी किया, जिसमें 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट, भूमिहीन मजदूरों को सहायता, सिंचाई मुफ्त और किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया गया है.

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Mamata Banerjee का चुनावी वादा: 30,000 करोड़ का कृषि बजट, किसानों को सीधी मददMamata Banerjee ने चुनावी घोषणा पत्र जारी किया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को अपनी पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया. बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होना है. मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के घोषणा पत्र को 10 प्रतिज्ञा का नाम दिया है. घोषणा पत्र पेश करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, मैं बंगाल के लिए अपनी 10 'प्रतिज्ञाएं' विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करती हूं, ताकि मेरी सरकार के चौथे कार्यकाल में भी विकास का पहिया निरंतर आगे बढ़ता रहे. मैं 30,000 करोड़ रुपये का 'कृषि-बजट' तैयार करने का भी संकल्प लेती हूं, ताकि किसान परिवारों को लगातार सहायता दी जा सके, भूमिहीन किसानों को संबल मिल सके और कृषि क्षेत्र का विकास हो संभव हो सके. 

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के घोषणापत्र में खेती के इकोसिस्टम को मजबूत करने, किसानों और पट्टे पर खेती करने वालों को सहायता देने के लिए एक विशेष कृषि बजट का वादा किया गया है. मुख्य वादों में जमीन-विहीन मजदूरों को सालाना सहायता देना, सिंचाई की क्षमता बढ़ाना और जयादा कीमत वाली खेती को बढ़ावा देना शामिल है.

खेती से जुड़ी मुख्य पहलें

विशेष कृषि-बजट: अगले पांच सालों के लिए 10 वादों वाले रोडमैप के हिस्से के तौर पर ममता बनर्जी ने 30,000 करोड़ रुपये का एक विशेष बजट घोषित किया है.
जमीन-विहीन मजदूरों को सहायता: जमीन-विहीन खेतिहर मजदूरों को सालाना 4,000 रुपये मिलेंगे, जो रबी और खरीफ मौसमों के लिए दो किस्तों में दिए जाएंगे.
सिंचाई में सहायता: सरकार द्वारा चलाए जा रहे ट्यूबवेल और रिवर लिफ्ट सिंचाई (RLI) योजनाओं के तहत सिंचाई की सभी फीस माफ कर दी जाएगी.
फसलों की सुरक्षा और फायदे: राज्य सरकार ने बताया कि 'बांग्ला शस्य बीमा' (फसल बीमा) योजना के तहत 1.13 करोड़ किसानों को पहले ही 3,938 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी गई है.

इन पहलों का मकसद खेती के क्षेत्र की प्रगति और सहायता को बनाए रखना है, जिसमें ज्यादा कीमत वाली फसलों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर खास जोर दिया गया है.

घोषणा पत्र की खास बातें

  • टीएमसी का चुनावी घोषणा पत्र जारी करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत, 500 रुपये की बढ़ोतरी के साथ, महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी—सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 1,500 (सालाना 18,000) रुपये और SC/ST लाभार्थियों को 1,700 (सालाना 20,400) रुपये.
  • मैं 'बांग्लार युवा-साथी' योजना जारी रखूंगी, जिसके तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 (सालाना 18,000) रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी.
  • मैं 30,000 करोड़ रुपये का 'कृषि-बजट' (Agri-Budget) बनाने का भी वादा करती हूं, ताकि किसान परिवारों को लगातार मदद मिलती रहे, भूमिहीन किसानों को सहारा मिले, और कृषि क्षेत्र का विकास हो सके.
  • मैं वादा करती हूं कि बंगाल के हर परिवार के पास एक पक्का घर होगा, और हर घर तक पाइप से पीने का पानी पहुंचेगा.
  • इसके अलावा, मेरी सरकार हर ब्लॉक और शहर में सालाना 'दुआरे चिकित्सा' शिविर लगाएगी, ताकि लोगों के घर तक ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंच सकें.
  • मैं 'बांग्लार शिक्षायतन' योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बेहतर बनाने का काम करूंगी.
  • मैं बंगाल को पूर्वी भारत के व्यापार का मुख्य द्वार बनाने के लिए काम करूंगी—इसके लिए विश्व-स्तरीय लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह, व्यापारिक ढांचा और एक अत्याधुनिक 'ग्लोबल ट्रेड सेंटर' तैयार किया जाएगा.
  • मैं यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करूंगी कि मौजूदा सभी लाभार्थियों को बुढ़ापा पेंशन बिना किसी रुकावट के मिलती रहे, और धीरे-धीरे इस सुरक्षा कवच का विस्तार करके सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया जाए.
  • मैं यह भी वादा करती हूं कि सात नए जिले बनाए जाएंगे और 'शहरी स्थानीय निकायों' (Urban Local Bodies) की संख्या बढ़ाई जाएगी.
  • ये 10 'प्रतिज्ञाएं' मेरे शासन की नींव बनेंगी और अगले पांच सालों के लिए मेरे काम का खाका (रोडमैप) साबित होंगी.(इंद्रजीत कुंडू का इनपुट)
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