Weather Update: ज्‍यादातर राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ इलाकों में चलेगी लू, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

Weather Update: ज्‍यादातर राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ इलाकों में चलेगी लू, पढ़ें IMD का ताजा अपडेट

पश्चिमी विक्षोभ और मॉनसून की सक्रियता से देश के कई राज्यों में मौसम बदला हुआ है. 13 जून को उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिल सकती है, जबकि पूर्व और दक्षिण भारत में मॉनसूनी बारिश बढ़ने के संकेत हैं.

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ज्‍यादातर राज्‍यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कुछ इलाकों में चलेगी लू, पढ़ें IMD का ताजा अपडेटआज का मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के असर से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है और लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है. उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी, बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान नीचे आया है. इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने भी आगे बढ़ते हुए पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के कुछ और हिस्सों में दस्तक मजबूत की है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, तेज हवा, आंधी, ओलावृष्टि और कुछ इलाकों में लू का अलर्ट जारी किया है.

13 जून को देशभर में ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, 13 जून को उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम अपेक्षाकृत सक्रिय रहने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. राजस्थान के कई हिस्सों में धूलभरी हवाओं और स्थानीय बारिश की संभावना बनी रहेगी.

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के हिस्सों में मॉनसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है.

दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. वहीं महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है.

दिल्ली-NCR गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

IMD के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर में 13 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ यह और तेज महसूस हो सकती है. अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. बीते दिनों के मुकाबले गर्मी का असर कम रहने की संभावना है.

देश में आगे कैसा रहेगा मौसम का रुझान?

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया कि 14 जून से 18 जून के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट बारिश के साथ मौसम सामान्य से कम गर्म रह सकता है. 

वहीं, राजस्थान में कई इलाकों में तेज हवाओं और स्थानीय मौसम बदलाव का दौर जारी रह सकता है. 14 जून के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान धीरे-धीरे दोबारा बढ़ने के संकेत भी हैं.

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले कई दिनों तक कहीं-कहीं बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी रहेगी. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में मॉनसूनी गतिविधियां मजबूत होने से कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज हो सकती है.

पूर्वोत्तर भारत का मौसम पूर्वानुमान

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार वर्षा और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना रहेगी.

गुजरात, कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और सौराष्ट्र क्षेत्र में कहीं-कहीं बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मॉनसून से जुड़ी बारिश जारी रहने की संभावना है. 

केरल और आसपास के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश के हालात बन सकते हैं. दूसरी तरफ विदर्भ, मराठवाड़ा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है.

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

जहां बारिश और तेज हवा का अलर्ट है वहां किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखें ताकि पानी जमा न हो. तैयार फसल और कटी उपज को खुले में न छोड़ें और तिरपाल से सुरक्षित रखें. फलदार पौधों और सब्जी फसलों को सहारा दें ताकि तेज हवा से नुकसान कम हो.

धान की नर्सरी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें. जिन इलाकों में ओलावृष्टि या तेज हवा की संभावना है वहां बागवानी फसलों की सुरक्षा करें. हीटवेव वाले क्षेत्रों में हल्की सिंचाई, मल्चिंग और नमी संरक्षण पर ध्यान दें. 

पशुओं को खुले में न बांधें, साफ पानी उपलब्ध कराएं और चारे को सुरक्षित स्थान पर रखें. मछुआरे समुद्र में जाने से पहले स्थानीय चेतावनी जरूर जांच लें.

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