संगरूर में किसानों का प्रदर्शन, डीजल और खाद कीमतों समेत कई मांगों पर सरकार को घेरा

संगरूर में किसानों का प्रदर्शन, डीजल और खाद कीमतों समेत कई मांगों पर सरकार को घेरा

संगरूर में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने प्रदर्शन कर डीजल-पेट्रोल और खाद की बढ़ती कीमतों, आपूर्ति की समस्याओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को उठाया. किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध करते हुए मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी.

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संगरूर में किसानों का प्रदर्शन, डीजल और खाद कीमतों समेत कई मांगों पर सरकार को घेरासंगरूर में प्रदर्शन करते हुए KMM से जुड़े किसान

पंजाब के संगरूर में किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने पुलिस लाइन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल हुए. किसानों ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों को उठाया और चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों से खेती की लागत बढ़ रही है और किसानों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.

फसलों की सही कीमत नहीं मिल रही: प्रदर्शनकारी किसान

उन्‍होंने कहा कि एक तरफ किसानों को फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ डीजल के बढ़ते दाम खेती को और महंगा बना रहे हैं. किसानों ने खाद की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने मांग की कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराए और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि खेती प्रभावित न हो.

अमेरिका से व्‍यापार समझौते पर सरकार से पुनर्विचार की मांग

प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी विरोध जताया. किसान नेताओं ने कहा कि ऐसे समझौते कृषि क्षेत्र और किसानों के हितों पर असर डाल सकते हैं. किसानों ने केंद्र सरकार से कृषि हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने की मांग की. किसान नेताओं ने हाल में मुख्यमंत्री भगवंत मान के घेराव के दौरान हुई घटनाओं का मुद्दा भी उठाया.

पंजाब पुलिस पर किसानों से गलत व्‍यवहार करने का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान कई किसानों के मोबाइल फोन जब्त किए गए और थानों में ले जाकर उनका डेटा डिलीट किया गया. साथ ही किसानों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप भी लगाए गए. किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. किसान नेता जसविंदर सिंह ने कहा कि जब तक किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. (कुलवीर सिंह की रिपोर्ट) 

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