चीन ने अमेरिकी कृषि उत्पादों पर घटाया टैरिफचीन ने अमेरिका से आने वाले कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ यानी आयात शुल्क कम करने का ऐलान किया है. इसमें मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद और मांस समेत कई सामान शामिल हैं. हालांकि, चीन ने अमेरिका से सबसे ज्यादा आयात किए जाने वाले कृषि उत्पाद सोयाबीन को इस राहत से बाहर रखा है. अमेरिकी सोयाबीन पर पहले की तरह 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क जारी रहेगा.
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को टैरिफ में बदलाव से जुड़ी उत्पादों की सूची जारी की. यह कदम अमेरिका और चीन की ओर से जारी की गई समान ‘30-for-30’ उत्पाद सूचियों के बाद उठाया गया है. दोनों देश इन सूचियों के जरिए कुछ उत्पादों पर शुल्क कम करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने पर बातचीत कर रहे हैं. चीन की सूची में सोरघम, वनस्पति तेल और उससे जुड़े उत्पाद, सोयाबीन तेल, सोयामील, मांस, डेयरी और कई दूसरे कृषि उत्पाद शामिल हैं. लेकिन अमेरिकी सोयाबीन को इस सूची में जगह नहीं मिली.
अमेरिकी सोयाबीन पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ जारी रहने से चीन के निजी सोयाबीन क्रशर यानी सोयाबीन से तेल और खली बनाने वाली कंपनियों पर दबाव बना हुआ है. व्यापारियों का कहना है कि इतना अधिक शुल्क निजी कंपनियों के लिए वहन करना मुश्किल है. हालांकि, चीन की सरकारी कंपनियां अमेरिकी सोयाबीन की खरीद लगातार बढ़ा रही हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सरकारी कृषि कंपनियों Sinograin और COFCO ने अब तक 1.2 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा अमेरिकी सोयाबीन खरीदा है. यह मात्रा करीब 2.5 करोड़ टन के उस लक्ष्य का लगभग आधा है, जिसे व्हाइट हाउस ने 2028 तक चीन की सालाना खरीद प्रतिबद्धता के तौर पर बताया था.
रॉयटर्स की गणना के अनुसार, चीन की ओर से टैरिफ में कटौती वाली सूची में शामिल कृषि और इससे जुड़े उत्पादों का कारोबार 2024 में करीब 17 अरब डॉलर का था. सोयाबीन को हटाने के बाद यह आंकड़ा चीन की बताई गई अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीद प्रतिबद्धता के करीब है. मई में व्हाइट हाउस ने कहा था कि चीन 2028 तक हर साल करीब 25 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पाद खरीदेगा. हालांकि, चीन ने किसी निश्चित खरीद लक्ष्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन बेचने वाली एक कंपनी के कारोबारी ने रॉयटर्स को बताया कि चीन की सरकारी कंपनियों की ओर से अमेरिकी सोयाबीन की खरीद जारी रहने की उम्मीद है. उनका कहना है कि दूसरे कृषि उत्पादों पर कम टैरिफ से चीन को करीब 17 अरब डॉलर की खरीद पूरी करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, कारोबारी के मुताबिक टैरिफ कम होने के बाद भी अमेरिकी सोयाबीन कीमत के मामले में चीन के लिए ज्यादा प्रतिस्पर्धी नहीं होगा. इसका मतलब है कि सिर्फ शुल्क में कमी से अमेरिकी सोयाबीन की मांग में बड़ा बदलाव आना तय नहीं है.
अमेरिका और चीन ने व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए एक ट्रेड काउंसिल बनाने पर भी सहमति जताई है. रॉयटर्स के मुताबिक, इस परिषद का पहला काम करीब 30 अरब डॉलर के उत्पादों पर पारस्परिक टैरिफ कटौती पर चर्चा करना होगा. दोनों देशों का उद्देश्य व्यापार और आर्थिक संबंधों को स्थिर बनाए रखना है. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका का दौरा किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर बैठक की. इस साल दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी.
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