
हींग की महक और गुलाल के सात रंगों से गुलजार हाथरस जिले की मिट्टी में किसान तक का किसान कारवां अपने पांचवें पड़ाव पर पहुंचा. खेरिया गांव में किसानों ने कृषि, पशुपालन और नई तकनीकों की जानकारी हासिल की.

कई किसानों ने आलू, सरसों, गेहूं, बाजरा और बागवानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया. किसानों का उत्साह और सवाल- जवाब सत्र कार्यक्रम की खासियत रहा.

किसानों ने कहा कि हाथरस की उपजाऊ मिट्टी केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता नहीं देती, बल्कि जीवन में सम्मान और खुशहाली का आधार भी बनती है. योगी सरकार की योजनाएं किसानों के जीवन में सप्त रंगों की तरह खुशहाली ला रही हैं.

करीब 4-5 घंटे चले इस कार्यक्रम को छह चरणों में आयोजित किया गया. अलग-अलग चरणों में कृषि और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संबंधित अधिकारियों द्वारा साझा की गई.

पशुपालन विभाग के विकास यादव ने पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, एफएमडी, लम्पी रोग और टैगिंग के महत्व के बारे में पूरी जानकारी दी. साथ ही नेपियर घास और बांछपन की समस्याओं का समाधान भी बताया.

नरेंद्र कुमार ने ऑर्गेनिक खेती के फायदे बताए और मिट्टी की उर्वरशक्ति सुधारने की जानकारी साझा की. गेंदा सिंह रावत ने खेत से मिट्टी जांच निकालने के सही तरीके बताये. राकेश कुमार सिंह ने केंचुआ खाद बनाने और उपयोग की जानकारी दी.

मैजिशियन सलमान ने अपने जादू के माध्यम से किसानों तक खेती, मिट्टी की जांच और पशुपालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को मजेदार तरीके से प्रस्तुत किया.

डॉ. ए. एच. वारसी ने गेहूं, आलू और सरसों की फसलों में लगने वाले रोग और उनके उपचार की जानकारी दी. अगले साल के लिए सरसों के बीज निशुल्क देने की घोषणा की. किसान को KVK से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी गई.

प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसानों ने मुस्कान के साथ खेती और सरकारी योजनाओं की जानकारी अपने घरों तक ले जाने के लिए प्रस्थान किया.
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