
गार्डनिंग करना सिर्फ घर को सुंदर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई फायदे होते हैं. जिस तरह से हमें स्वस्थ रहने के लिए कई चीजों की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह से पौधों को भी हेल्दी रखना हो तो सही देखभाल करनी पड़ती है. तभी आपका गार्डन हरा-भरा रहता है और फल, फूल-सब्जियां भी सही मात्रा में मिल पाते हैं.

एक हेल्दी गार्डन बनाने के लिए सिर्फ पौधे रोपना या फिर बीज बोना ही काफी नहीं होता है, बल्कि प्लांट की सही तरह से देखभाल करनी होती है. कुछ पौधे सदाबहार होते हैं तो कुछ मौसम के मुताबिक रोपे जाते हैं, लेकिन गार्डनिंग के कुछ कॉमन नियम हर प्लांट की ग्रोथ के लिए फॉलो करने होते हैं तो चलिए जान लेते हैं ऐसे ही 5 रूल.

कोई भी पौधा सही तरह से ग्रो करे उसके लिए जरूरी है कि पानी सही तरह से दिया जाए. जैसे सर्दी का मौसम है तो कम पानी देना चाहिए और मौसम गर्म होने पर थोड़ा ज्यादा पानी देने की जरूरत होती है. जैसे तेज धूप पड़ रही हो तो सुबह के साथ ही शाम को भी पानी दिया जा सकता है. इसके अलावा जिस गमले में आपने पौधा लगाया है, उसमें से जल निकासी सही से हो रही है या नहीं ये चेक करते रहना चाहिए.

पौधा तभी हरा-भरा रहता है जब मिट्टी की क्वालिटी सही हो. इसके लिए आप या तो मिट्टी नर्सरी से जानकारी ले सकते हैं. इसके अलावा आप घर पर ऑल परपज पॉटिंग मिक्स तैयार करें. इसके लिए बगीचा की नॉर्मल उपजाऊ मिट्टी, कंपोस्ट और रेत या फिर कोकोपीट लेना चाहिए. इसमें आप चाहे तो 1 मुट्ठी नीम खली का पाउडर भी मिला सकते हैं.

समय-समय पर पौधों की प्रूनिंग यानी छंटाई जरूरी होती है. इससे आपका प्लांट एक सही शेप में रहता है और ग्रोथ भी अच्छी होती है. खासतौर पर सूखी और पीली पत्तियों को तुरंत हटा देना चाहिए. एक सामान्य टाइम की बात करें तो 4 से 6 हफ्ते में हल्की-फुल्की प्रूनिंग करते रहना चाहिए.

पौधे हरे-भरे रहें और सही फल-फूल देते रहें. इसके लिए कीटों की रोकथाम बहुत जरूरी होती है. जिसके लिए आप हल्के कीट जैसे एंट्स, स्पाइडर माइट्स के लिए हफ्ते में 2-3 बार कीटनाशक डाल सकते हैं और अगर ज्यादा संक्रमण हो तो 7 से 10 दिन में कीटनाशक डालना चाहिए. अगर फल या सब्जी का पौधा है तो 10 से 15 दिन में जैविक कीटनाशक डालते रहना सही रहता है.

पौधों को समय-समय पर खाद देना बेहद जरूरी होता है. इससे मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है. इसके लिए आप 4 से 6 हफ्ते में कम्पोस्ट, गोबर खाद या फिर लिक्विड फर्टिलाइजर देते रहें. सब्जियों और फल वाले पौधों के लिए 2 से 3 हफ्ते में फर्टिलाइजर दिया जा सकता है. बीच-बीच में गुड़ाई भी करते रहना चाहिए.
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