IPS ने CM योगी से लगाई भावुक गुहारबढ़ते तापमान और बिगड़ते पर्यावरण को लेकर मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी और वर्तमान एडीजी (रेलवेज) राजाबाबू सिंह ने गहरी चिंता जताई है. अपने गृह जिले बांदा की स्थिति को देखते हुए उन्होंने कहा कि अगर अभी पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा. पर्यावरण को लेकर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने और जरूरी कदम उठाने की अपील की है. उनका कहना है कि बढ़ती गर्मी और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई करना बेहद जरूरी है.
मूल रूप से बांदा के रहने वाले IPS राजाबाबू सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वे पिछले कई दिनों से अखबारों में पढ़ रहे हैं कि बांदा जिला अब दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में शुमार हो चुका है. उन्होंने कहा कि यह देखकर मुझे बहुत कष्ट हुआ. बांदा जिले के पास केन नदी, बेतवा नदी और उनकी सहायक नदियां जैसी प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद, केवल 'मिसमैनेजमेंट' (कुप्रबंधन) के कारण आज वहां यह स्थिति पैदा हुई है.
हाल ही में नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी द्वारा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (तिगरा) की बंजर जमीन पर जैव विविधता को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार से सम्मानित हो चुके IPS अधिकारी ने अपने काम का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने तिगरा में बंजर जमीन को हरा-भरा करके दिखाया है और ऐसा ही काम बांदा में भी होना चाहिए, लेकिन सिर्फ फोटो खिंचाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी ईमानदारी के साथ.
1. अवैध माइनिंग पर तुरंत रोक: केन नदी में हो रहे अवैध रेत खनन और पहाड़ियों में हो रही अवैध क्वेरिंग पर तत्काल और कड़ाई से रोक लगाई जाए.
2. 10 साल के लिए पट्टों पर लगे बैन: बांदा, महोबा और हमीरपुर में अगले 10 सालों के लिए माइनर मिनरल्स, बालू और स्टोन क्वेरिंग के ठेकों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए.
3. जिम्मेदार अधिकारियों की हो तैनाती: बांदा में 'मास प्लांटेशन' (बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण) के लिए बेहद प्रतिबद्ध और जिम्मेदार अधिकारियों को तैनात किया जाए, जो वहां की विलुप्त हो चुकी जैव विविधता को वापस लाने के लिए पूरी गंभीरता से काम करें.
IPS अधिकारी ने वीडियो में यह भी साफ किया कि वे एक सर्विंग पुलिस ऑफिसर हैं और सिविल सर्विस कंडक्ट रूल्स (आचरण नियमावली) से बंधे हैं. लेकिन, अपने गृह जिले की दुर्दशा और बांदा पर लग रहे 'कलंक' को देखते हुए, उन्होंने बहुत ही विनम्रतापूर्वक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह व्यक्तिगत और भावुक अपील की है. (समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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