डल्लेवाल पर एका, आज पटियाला में किसान संगठनों की बड़ी बैठक, बनेगी 'MSP रणनीति'

डल्लेवाल पर एका, आज पटियाला में किसान संगठनों की बड़ी बैठक, बनेगी 'MSP रणनीति'

एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम को रविवार को लिखे पत्र में एसकेएम ने कहा कि अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक में प्रदर्शनकारी किसानों के अनुरोध पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि बैठक अब 13 जनवरी को पटियाला जिले के पाटरान में होगी. बैठक में तीनों मंचों द्वारा संयुक्त संघर्ष को अंजाम देने के तरीके पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

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डल्लेवाल पर एका, आज पटियाला में किसान संगठनों की बड़ी बैठक, बनेगी 'MSP रणनीति'किसान संगठनों की पटियाला में मीटिंग

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) पटियाला में आज मीटिंग करने जा रहा है. पहले यह मीटिंग 15 जनवरी को तय थी. लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (KMM) के आग्रह पर इसे अब 13 जनवरी को कर दिया गया है. खनौरी बॉर्डर पर बैठे आंदोलनरत किसानों ने एसकेएम से अपील की थी कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की तबीयत ठीक नहीं है, जिसे देखते हुए किसान संगठनों की संयुक्त बैठक जितनी जल्द हो सके, उसे अंजाम देना चाहिए. इसे देखते हुए एसकेएम की जॉइंट मीटिंग को 15 जनवरी से घटाकर 13 जनवरी कर दिया गया है.

एसकेएम की छह सदस्यीय कमेटी ने एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम को 15 जनवरी को पटियाला में एक बैठक के लिए बुलाया था, ताकि केंद्र के खिलाफ एक संयुक्त लड़ाई के लिए किसान संगठनों के बीच एकजुटता हो सके. मीटिंग की बुलाहट इसलिए भी दी गई ताकि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित किसानों की मांगों को मनवाने के लिए केंद्र पर दबाव डाला जा सके. एसकेएम, जिसने अब निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020 के आंदोलन का नेतृत्व किया था, एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम के चल रहे आंदोलन का हिस्सा नहीं है.

SKM-KMM ने मिलकर लिखी चिट्ठी

एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम को रविवार को लिखे पत्र में एसकेएम ने कहा कि अपनी राष्ट्रीय समन्वय समिति की बैठक में प्रदर्शनकारी किसानों के अनुरोध पर विचार करने के बाद यह निर्णय लिया गया है कि बैठक अब 13 जनवरी को पटियाला जिले के पाटरान में होगी. बैठक में तीनों मंचों द्वारा संयुक्त संघर्ष को अंजाम देने के तरीके पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.

बैठक में तीनों किसान संगठनों की ओर से संयुक्त आंदोलन को आगे बढ़ाने के तरीके पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. एसकेएम (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल पिछले साल 26 नवंबर से किसानों की अलग-अलग मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं. डल्लेवाल का आमरण अनशन सोमवार को 49वें दिन में प्रवेश कर गया है. 

डल्लेवाल ने अब तक कोई भी मेडिकल सहायता या इलाज लेने से इनकार कर दिया है. एसकेएम के छह सदस्यीय पैनल, जिसमें किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, जोगिंदर सिंह उग्राहन, रमिंदर सिंह पटियाला, जंगवीर सिंह और कृष्ण प्रसाद शामिल थे, ने शुक्रवार को डल्लेवाल के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी.

एसकेएम नेताओं का खनौरी विरोध स्थल का दौरा मोगा में 'किसान महापंचायत' में "एकता प्रस्ताव" पारित करने के एक दिन बाद हुआ, जिसमें मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ संयुक्त लड़ाई का आह्वान किया गया था.

एसकेएम, एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और केएमएम के बीच एकता के प्रयास पिछले साल फरवरी में विफल हो गए थे. पिछले साल दिसंबर में डल्लेवाल के अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने के बाद एकता के लिए ताजा बातचीत फिर से शुरू हुई.

एसकेएम (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान पिछले साल 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं. उनका धरना लगातार चल रहा है जिसमें सैकड़ों किसान शामिल हो रहे हैं.

 

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