गणतंत्र दिवस पर सड़कों पर उतरे किसान, पंजाब में ट्रैक्टर मार्च से सरकार को चेताया

गणतंत्र दिवस पर सड़कों पर उतरे किसान, पंजाब में ट्रैक्टर मार्च से सरकार को चेताया

पंजाब के संगरूर शहर और मोगा जिले में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया. ट्रैक्टर मार्च के दौरान संगरूर की सड़कों पर किसानों की भारी मौजूदगी देखने को मिली.  

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गणतंत्र दिवस पर सड़कों पर उतरे किसान, पंजाब में ट्रैक्टर मार्च से सरकार को चेतायापंजाब में किसानों का ट्रैक्टर मार्च

जहां आज पूरा देश 26 जनवरी गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास के साथ मना रहा है. वहीं, पंजाब के संगरूर शहर और मोगा जिले में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा ट्रैक्टर मार्च निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों की संख्या में किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ सड़कों पर उतरे और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए रोष प्रदर्शन किया.

ट्रैक्टर मार्च में किसानों की भारी मौजूदगी

ट्रैक्टर मार्च के दौरान संगरूर की सड़कों पर किसानों की भारी मौजूदगी देखने को मिली. ट्रैक्टरों पर अलग-अलग मांगों से जुड़े बैनर और झंडे लगे हुए थे. किसानों ने बिजली बिल 2025, बीज बिल 2025 और दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान सरकार द्वारा मानी गई, लेकिन अब तक पूरी न की गई मांगों को लेकर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान माहौल पूरी तरह से किसान समर्थक नारों से गूंजता रहा.

बीजों की महंगाई खेती में घाटे का सौदा

प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन के समय भी वे इन्हीं मांगों को लेकर अपने ट्रैक्टरों के साथ राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर उतरे थे, लेकिन आज तक केंद्र सरकार ने उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया. किसानों का कहना है कि लगातार बढ़ते बिजली बिल और बीजों की महंगाई ने खेती को घाटे का सौदा बना दिया है, जिससे किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.

किसानों ने सरकार को दी चेतावनी

किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने जल्द उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संघर्ष को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की होगी. किसानों का कहना है कि वे अपने हक की लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेंगे, लेकिन जरूरत पड़ी तो बड़े फैसले लेने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

मोगा में भी निकाला गया ट्रैक्टर मार्च

ऐसा ही नजारा मोगा जिले में देखने को मिला, जहां संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के अनुसार किसानों ने ट्रैक्टर मार्च निकाला. इस ट्रैक्टर मार्च में किसानों ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया. मार्च के दौरान बड़ी संख्या में ट्रैक्टर शामिल हुए. इस मौके पर किसान आगू इकवाल सिंह ने बताया कि आज संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के अनुसार पूरे पंजाब में ट्रैक्टर मार्च निकाला गया, हमारा मांग हे कि केंद्र की मोदी सरकार बिजली संशोधन बिल 2025 और बीज बिल 2025 लेकर आ रही है. यदि बिजली संशोधन बिल 2025 लागू किया गया, तो आने वाले समय में हर प्रकार की बिजली सब्सिडी समाप्त हो जाएगी.

बिजली और बीज बिल का विरोध

बिजली के रेटों में भारी बढ़ोतरी होगी और प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे. इसका मतलब यह होगा कि मीटर में पैसे होंगे तभी बिजली चलेगी, अन्यथा बिजली सप्लाई काट दी जाएगी. इसी तरह बीज बिल 2025 के तहत बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी व्यापारी या दुकानदार ब्रांडेड बीजों के अलावा अन्य बीज नहीं बेच सकेगा. इससे धीरे-धीरे बड़े कॉर्पोरेट घराने खेती पर पूरी तरह कब्जा कर लेंगे और बीज किसानों की पहुंच से बाहर हो जाएंगे.

इन मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन

नेताओं ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने श्रम से संबंधित 29 कानूनों की जगह चार लेबर कोड लागू किए हैं, जो मजदूर वर्ग के लिए घातक हैं. इन कानूनों से बेरोजगारी बढ़ेगी और कर्मचारियों से यूनियन बनाने का अधिकार भी छीन लिया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पुराने मनरेगा कानून को समाप्त कर नया जी-राम-जी कानून लागू कर दिया है, जिससे मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे.  इसके अलावा केंद्र सरकार अमेरिका के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने जा रही है. यदि यह समझौता लागू हुआ तो कृषि क्षेत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा और किसानों की जमीनों पर कॉर्पोरेट घरानों का कब्जा हो जाएगा. आज इन सभी मांगो को लेकर ट्रैक्टर मार्च निकला गया. ऐसा ही ट्रैक्टर मार्च देश के कई राज्यों में निकाला गया. (कुलवीर सिंह और तन्मय सामंत की रिपोर्ट)

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