समस्तीपुर में किसान मेले का आयोजन, कृषि मंत्री बोले-विदेशों में बढ़ी बिहार के उत्पादों की मांग

समस्तीपुर में किसान मेले का आयोजन, कृषि मंत्री बोले-विदेशों में बढ़ी बिहार के उत्पादों की मांग

इस तीन दिवसीय मेले में पशु प्रदर्शनी, उद्यान प्रदर्शनी और कृषि उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है. फल, फूल, सब्जियों और उनसे बने उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई है.

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समस्तीपुर में किसान मेले का आयोजन, कृषि मंत्री बोले-विदेशों में बढ़ी बिहार के उत्पादों की मांगरामकृपाल यादव

बिहार के समस्तीपुर जिले के डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में तीन दिवसीय कृषि मेला का उदघाटन किया गया.  इस मेले का उदघाटन बिहार सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर कर किया. वहीं, मेले में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार का सपना था कि विदेशों के थाली में बिहार के व्यंजनों को परोसा जाए, वो सपना अब पूरा हो गया है. हमारे बिहार का मखाना,लीची, जर्दालू आम और कतरनी चावल का डिमांड अब विदेशों में होने लगा है.

विदेशी थाली में परोसा जा रहा बिहारी व्यंजन

बिहार के व्यंजनों को विदेशों की थाली में परोसा जा रहा है. बिहार में मखाना का उत्पादन हो रहा है, जो देश तक ही सीमित नहीं है. ये चीन, दुबई जैसे देशों में भी जा रहा है. कृषि मंत्री ने कहा कि डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा बच्चों को शिक्षित किया जा रहा है और किसानों को बहुत सारा लाभ दिया जा रहा है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार के निर्देशन में कृषि रोड मैप तैयार कर नई तकनीकी व्यवस्था के माध्यम से किसानों को उन्नत खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

किसानों की आय बढ़ाने का प्रयास कर रही सरकार 

सरकार का उद्देश्य कृषि के जरिए बड़े पैमाने पर बेरोजगारी कम करना और युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करना है. इस बारे में बोलते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि PM मोदी ने जिस विकसित भारत का सपना देखा है, उसे साकार करने की दिशा में नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य को पूरा करने में कृषि विभाग अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को खेती से जुड़ी हर तरह की सुविधा और सहायता देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिले.

किसान मेले में लगाए गए 200 से ज्यादा स्टॉल

बता दें कि 13 मार्च से 15 मार्च तक चलने वाले इस किसान मेले में 200 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं. इस मेले में देश के कई राज्यों से हजारों किसान पहुंचे हैं. यहां किसानों को ड्रोन से खेतों में छिड़काव, डिजिटल खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है. इस मौके पर कृषि मंत्री ने मेले का दौरा किया. उन्होंने एक-एक स्टॉल पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और किसानों से बातचीत भी की. साथ ही उन्होंने किसानों को नई तकनीकों का इस्तेमाल कर आधुनिक तरीके से खेती करने के बारे में जानकारी दी. तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई राज्यों के किसान और कृषि वैज्ञानिक शामिल हुए.

AI खेती के लिए उपयोगी तकनीक: डॉ. पी. एस. पाण्डे

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. एस. पाण्डे ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) खेती के लिए बहुत उपयोगी तकनीक बनती जा रही है. इसके जरिए खेती को और आसान बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में डिजिटल एग्रीकल्चर सेंटर काम कर रहा है. इस केंद्र का उद्देश्य यह है कि AI की मदद से किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा कैसे मिले और उनकी आय कैसे बढ़ाई जा सके. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार ऐसे तरीकों पर काम कर रहा है, जिनसे नई तकनीक के जरिए किसानों की खेती और आमदनी दोनों बेहतर हो सके.

मेले में लगाई गई है कई तरह की प्रदर्शनी

इस तीन दिवसीय मेले में पशु प्रदर्शनी, उद्यान प्रदर्शनी और कृषि उत्पादों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है. फल, फूल, सब्जियों और उनसे बने उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई है. तीन दिवसीय किसान मेला में संरक्षित खेती, प्राकृतिक कृषि प्रणाली, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और आधुनिक कृषि यंत्रों का जीवंत प्रदर्शन भी किया गया है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस तरह के आयोजनों से किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी सीधे मिलती है, जिससे खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है. समस्तीपुर के पूसा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाला यह क्षेत्रीय किसान मेला किसानों के लिए नई तकनीक सीखने और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने का बड़ा मंच बनेगा. (जहांगीर आलम की रिपोर्ट)

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