कर्ज के दबाव में किसान की मौतमहाराष्ट्र में फिर एक बार किसान की आत्महत्या का मामला सामने आया है. दरअसल, हिंगोली जिले के सालवा गांव के एक किसान ने कर्ज के बोझ तले खुद को जलाकर आत्महत्या की है. मृतक किसान का नाम दत्तराव डिंगाबर माखने (उम्र 48)साल है. महाराष्ट्र सरकार के 2 लाख रुपये की कर्ज मुक्ति की घोषणा के बावजूद यह आत्महत्या सामने आने सें हर तरफ से सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाएं जा रहे हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, किसान दत्तराव डिंगाबर माखने और उनके पत्नी के नाम पर बैंक 2 लाख रुपये दुकानदारों की खाद बीज की उधारी और साहूकार का सब मिलाकर 3 लाख रुपये के ऊपर कर्ज था. मगर कुछ महीनों सें लगातार हो रहे फसल के नुकसान के कारण वह कर्ज चूका नहीं पा रहा थे, जिसके कारण वह काफ़ी दिनों से अकेले और मायूस रहने लगे थे.
कल शाम के समय गाड़ी में डालने के लिए पेट्रोल लेने जा रहा हूं कहकर घर सें निकले मगर वह घर वापस लौटे ही नहीं. काफ़ी देर होने पर दत्तराव घर नहीं लौटे तो घर वालों ने उनकी खोज शुरू की तो उनका शव आधी जली हुईं अवस्था में उनके ही खेत में मिला. घटना की जानकारी मिलने के बाद कलमनूरी पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर पूरी घटना का पंचनामा करके सुसाइड केस दाखिल किया है. वहीं, इस घटना के बाद किसानों में ग़ुस्से का माहौल है.
महाराष्ट्र के किसानों की सरकार सें मांग थी की उनके ऊपर जितना फसल का कर्ज है उतना सरकार को माफ करना चाहिए, मगर सरकार ने किसानों का कर्जा सिर्फ 2 लाख रुपये तक ही माफ करने की घोषणा है. किसानों का आरोप है की सरकार की इसी नीति के कारण किसान दत्तराव माखने को खुदखुशी करनी पड़ी है. इस घटना के बाद किसानों की बढ़ती नाराजगी के बीच सरकार किसानों की बात सुनती है या नहीं यह देखना होगा.
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