ओलिंपिक में निशाना लगाते मनु भाकर और सरबजोत सिंह. भारत की स्टार शूटर मनु भाकर ने पेरिस ओलिंपिक 2024 में इतिहास रच दिया है. वह ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाली देश की पहली महिला निशानेबाज बन गईं. उन्होंने महिलाओं के व्यक्तिगत 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में कांस्य पदक जीता था. अब मनु ने मंगलवार को सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में भारत को एक और कांस्य पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है. मनु एक और कांस्य पदक जीतने के साथ ही एक ही ओलिंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली एथलीट बन गई हैं. मनु भाकर की इस उपलब्धि से हरियाणा के झज्जर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव गोरिया में खुशी का माहौल है.
मनु के पैतृक गांव गोरिया के एक निजी स्कूल में मनु के खेल का सीधा प्रसारण टीवी पर बच्चों और ग्रामीणों को दिखाया गया है. मनु ने जैसे ही मैडल हासिल किया वैसे ही सभी स्कूली बच्चे और और ग्रामीण खुशी से चिल्ला उठे. ये वही स्कूल है जहां से मनु ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की है और यही की शूटिंग अकेडमी में मनु ने शूटिंग खेल का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था. मनु की इस जीत से सभी ग्रामीण बेहद खुश हैं. उन्हें अपनी बेटी पर बहुत गर्व है. एक दूसरे को लड्डू खिला कर ग्रामीणों ने मनु की जीत का जश्न मनाया है. इस दौरान बच्चों ने एक दूसरे को गुलाम लगाकर मनु की जीत का जश्न मनाया. मनु की दादी का कहना है कि मनु के वापस लौटने पर पूरे गांव में देसी घी के लड्डू बांटे जाएंगे. उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है.
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मनु भाकर और सरबजोत सिंह ने कांस्य पदक के मैच में ओह ये जिन और ली वोन्हो की कोरियाई जोड़ी का सामना किया. मनु और सरबजोत ने क्वालिफायर में 580 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया था, जबकि कोरियाई जोड़ी 579 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही थी. मनु और सरबजोत ने यह मुकाबला 16-10 के अंतर से जीता.
हम आपको बता दें कि मनु से पहले नॉर्मन प्रिचर्ड ने 1900 के खेलों के दौरान एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे.तब भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था. प्रिचार्ड के बाद कोई भी भारतीय एथलीट एक ही ओलिंपिक में दो पदक जीतने में कामयाब नहीं हुआ था. हालांकि, कुछ भारतीय एथलीट हैं जिन्होंने अपने करियर में ओलिंपिक खेलों में कुल मिलाकर दो पदक जीते हैं. इनमें सुशील कुमार (कुश्ती) और पीवी सिंधू (बैडमिंटन) शामिल हैं. सुशील ने लंदन 2012 में रजत पदक जीतने से पहले बीजिंग 2008 खेलों में कांस्य पदक जीता था. ऐसा करते ही वह स्वतंत्रता के बाद दो अलग-अलग ओलिंपिक में एक से अधिक पदक जीतने वाले भारत के पहले व्यक्तिगत एथलीट बन गए.
मनु का मामला सुशील और सिंधू से काफी अलग है, क्योंकि वह स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलिंपिक खेलों में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं. मनु भाकर और सरबजोत सिंह ने कांस्य पदक के मैच में ओह ये जिन और ली वोन्हो की कोरियाई जोड़ी का सामना किया. मनु और सरबजोत ने क्वालिफायर में 580 अंक जुटाकर तीसरा स्थान हासिल किया था, जबकि कोरियाई जोड़ी 579 अंक के साथ चौथे स्थान पर रही थी. मनु और सरबजोत ने यह मुकाबला 16-10 के अंतर से जीता. पूरे देश को मनु भाकर पर गर्व है. (रिपोर्ट- प्रथम शर्मा)
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