Farmers Protest: सॉलिड वेस्ट प्लांट का विरोध तेज, गाजियाबाद के मीरपुर गांव में हंगामा

Farmers Protest: सॉलिड वेस्ट प्लांट का विरोध तेज, गाजियाबाद के मीरपुर गांव में हंगामा

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के विरोध में किसानों और पुलिस के बीच टकराव हो गया. किसानों ने लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने पत्थरबाजी और न्यूनतम बल प्रयोग की बात कही. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में बताया गया है.

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Farmers Protest: सॉलिड वेस्ट प्लांट का विरोध तेज, गाजियाबाद के मीरपुर गांव में हंगामाडंपिंग ग्राउंड विवाद में पुलिस का लाठीचार्ज

गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के ट्रॉनिका सिटी थाना अंतर्गत मीरपुर हिंदू गांव में रविवार को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर किसानों और पुलिस के बीच टकराव हो गया. प्रशासन और नगर पालिका की टीम जैसे ही प्रस्तावित डंपिंग ग्राउंड से संबंधित काम आगे बढ़ाने के लिए मौके पर पहुंची, बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसान विरोध में एकत्रित हो गए और काम रुकवाने की मांग पर अड़ गए. 

ग्रामीणों का मानना है कि प्लांट शुरू होने से क्षेत्र का पर्यावरण प्रदूषित होगा, भूजल प्रभावित होगा और बीमारियों का खतरा बढ़ेगा. किसानों का आरोप है कि विरोध के दौरान पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया, जिसमें कई किसान चोटिल हुए. घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तनाव फैल गया.

पुलिस ने क्या कहा?

वहीं एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया, “थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र के मीरपुर हिंदू गांव स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर कुछ किसानों के ज्ञापन देने के लिए एकत्र होने की सूचना मिली थी. इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा रीसाइक्लिंग प्लांट के गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसने की जानकारी पुलिस को मिली. पुलिस द्वारा लोगों को समझाया गया और प्लांट से हटाने का प्रयास किया गया. इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, जिन्हें उपचार के लिए भेजा गया है. भीड़ को हटाने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया है. मौके पर शांति व्यवस्था कायम है.

बताया जा रहा है कि यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट करीब तीन साल पहले तैयार किया गया था, जहां नगर निगम का कूड़ा निस्तारित किया जाना प्रस्तावित है. लेकिन यहां मीरपुर हिंदू गांव के अलावा पचायरा, बदरपुर, नवादा, सुंगरपुर, अल्लीपुर, मंडोला, खानपुर जप्ती और हरमपुर गांव के लोग भी इसका विरोध कर रहे हैं. फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

प्रदर्शनकारियों का आरोप

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया. मनोज कुमार नाम के एक किसान ने दावा किया कि लगभग 50 से 60 प्रदर्शनकारियों के हाथों और सिर पर चोटें आईं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रदर्शनकारियों को पुलिस कार्रवाई के कारण अलग-अलग चोटें दिखाते हुए देखा जा सकता है.

लोनी के एडिशनल पुलिस कमिश्नर (ACP) सिद्धार्थ गौतम ने लाठीचार्ज के आरोपों से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा, "प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की, जिसमें दो पुलिस अधिकारी घायल हो गए. घायल अधिकारियों को इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया." हालांकि, पुलिस ने घायल पुलिस वालों की तस्वीरें नहीं दिखाईं, न ही उनके नाम बताए.

ACP गौतम ने कहा कि "कानून और व्यवस्था की स्थिति अभी कंट्रोल में है." आगे और तनाव न बढ़े, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.(मयंक गौड़ का इनपुट)

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