अवैध वसूली का भंडाफोड़उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के थाना सरसावा क्षेत्र में टोल प्लाजा पर किसानों और ट्रैक्टर चालकों से अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि टोल प्लाजा मालिक और कर्मचारियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत नकली रसीदें तैयार कर प्रत्येक ट्रैक्टर से 130 रुपये की अवैध वसूली की. शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल की तहरीर पर थाना सरसावा में मुकदमा दर्ज किया गया.
यह कार्रवाई क्षेत्रीय लेखपाल राम प्रसाद गुप्ता की शिकायत के बाद की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरसावा टोल प्लाजा पर किसानों और ट्रैक्टर चालकों से नियमों का उल्लंघन करते हुए 130 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है. इसके लिए नकली रसीदों का उपयोग किया जा रहा था, जिससे किसान भ्रमित होकर अधिक देने को मजबूर हो रहे थे.
पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देश पर सरसावा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टोल प्लाजा मालिक कमलजीत सिंह सहित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में टोल मैनेजर कालू सिंह राणावत और दो कर्मचारी अक्षय कुमार और सागर शामिल हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से एक रसीद बुक, 130 रुपये की कटी हुई आठ रसीदें और तीन पर्चियां बरामद की हैं, जिनमें अवैध रूप से वसूले गए पैसे का विवरण दर्ज था.
पुलिस के अनुसार, कमलजीत सिंह सरसावा टोल प्लाजा का मालिक है, जबकि कालू सिंह राणावत टोल मैनेजर के पद पर कार्यरत था। अक्षय कुमार और सागर टोल पर कर्मचारी के तौर पर काम करते थे. वहीं, सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया.
एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बीते एक वर्ष में करीब 50 करोड़ रुपये का गबन किया है. इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच थाना सरसावा पुलिस द्वारा की जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है. फिलहाल मामले में विधिक कार्रवाई जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
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