किसान ने की आत्महत्याऐसा कहा जाता है कि किसान अपनी फसल लगाकर प्रकृति के साथ एक जुआ सा खेलता है. अगर फसल अच्छी हो जाए तो किसान की जीत और न हो तो उनकी हार. इसी हार और जीत के खेल में एक युवा किसान हार गया और उसने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. दरअसल, मौसम खराब होने से बीते दिन आंधी और ओलावृष्टि हुई थी, जिसमें मध्य प्रदेश के तराना जिले के खेड़ा जामुनिया गांव के रहने वाले युवा किसान पंकज मालवीय की खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई, जिससे परेशान होकर पंकज ने मौत को गले लगा लिया.
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक पंकज मालवीय ने करीब 6 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल लगाई थी, जो आंधी और ओलावृष्टि के कारण नष्ट हो गई. फसल खराब होने से पंकज काफी परेशान था. वो मंगलवार रात में खेत पर गया था, जहां से घर नहीं लौटा. सुबह जब परिवार के लोग खेत पहुंचे तो उसका शव मिला. बताया जाता है कि पंकज के पिता की मौत पहले ही हो चुकी है, और वह घर में कमाने वाला अकेला आदमी था.
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया. पंकज के परिवार में मां, पत्नी, दो बच्चे 8 साल का बेटा और 5 साल की बेटी है. पंकज की दो बहनें भी हैं. इनमें से एक की अप्रैल में शादी होने वाली थी. किसान की मौत की खबर पाकर क्षेत्रीय विधायक महेश परमार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे. विधायक महेश परमार ने बताया कि किसान ने फसल बर्बाद होने के चलते आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की है.
विधायक महेश परमार ने ये भी कहा कि जिले के सभी एसडीएम और अधिकारी बर्बाद फसलों का मुआयना कर, तत्काल मुआवजा राशि पीड़ित किसानों को जल्दी दें. ताकि ऐसी घटना की दोबारा न हो. सूत्र बताते है कि मृतक किसान पंकज की बहन की शादी अप्रैल में होना तय हो गया था, जिसे लेकर वह परेशान थे, उन्होंने अपने सगे संबंधियों से इस मामले में फोन पर चर्चा भी की थी.
महेश परमार ने कहा कि हमारी तराना विधानसभा की माकड़ोन तहसील के किसान पंकज ने कल हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण आत्महत्या कर ली. वह कल से ही अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर डाल रहा था कि फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जैसा कि इनके परिजनों ने बताया है. यह बहुत दुखद घटना है, मेरा मुख्यमंत्री और सभी अधिकारियों से अनुरोध है कि तत्काल सभी किसानों से बात करें ओर इस तरह की स्थिति दोबारा घटित न हो और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले, फसलों का सर्वे हो, मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की मुख्यमंत्री घोषणा करें, ये हमारी मांग है. (संदीप कुलश्रेष्ठ की रिपोर्ट)
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