अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई, यहां नष्ट की गई 8 एकड़ फसल

अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई, यहां नष्ट की गई 8 एकड़ फसल

इस राज्य के पुलिस ने रविवार को बताया कि सुरक्षा बलों ने आठ एकड़ ज़मीन पर अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है. बता दें कि, केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए अफीम की खेती को लेकर नई नीति का ऐलान किया है.

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अफीम की अवैध खेती पर बड़ी कार्रवाई, यहां नष्ट की गई 8 एकड़ फसल अफीम की खेती

देश के कई राज्यों में अफीम की अवैध खेती नारकोटिक्स विभाग के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहा है. ऐसा की एक अवैध खेती का मामला अरुणाचल प्रदेश से सामने आया है. दरअसल, पुलिस ने रविवार को बताया कि सुरक्षाबलों ने अरुणाचल प्रदेश के लोंगडिंग जिले में आठ एकड़ जमीन पर अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है. लोंगडिंग के पुलिस अधीक्षक (SP) डेकियो गुम्जा ने बताया कि भारत-म्यांमार सीमा के पास वोटनू और खासा गांवों में ये फसलें नष्ट की गई हैं.

फसल नष्ट करने में ड्रोम की ली गई मदद

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को चलाए गए इस अभियान की देखरेख पांगचाऊ सर्कल के कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने की. उन्होंने कहा कि सही सर्वे करने, मुश्किल रास्तों से गुजरने और गांव के अधिकारियों को भरोसे में लेने के बाद यह काम आसानी से पूरा किया गया. टीम ने निगरानी और हवाई सर्वे के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया.

किसानों पर नहीं की गई कोई कार्रवाई

SP ने कहा कि किसानों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है, क्योंकि उन्हें अफीम की खेती की गैर-कानूनी होने की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को ड्रग्स के नुकसान के बारे में जागरूक करना होगा और उन्हें खेती के वैकल्पिक या टिकाऊ तरीकों के बारे में जानकारी देनी होगी. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर किसान खुद के इस्तेमाल के लिए अफीम उगाते हैं और कई सीमावर्ती गांवों में यह एक परंपरा की तरह है.

अफीम की खेती को लेकर नई नीति

बता दें कि, केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए अफीम की खेती को लेकर नई नीति का ऐलान किया है. यह नीति अफीम फसल वर्ष 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी. नीति के तहत मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के किसानों को लाइसेंस दिए जाएंगे. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस बार करीब 1.21 लाख किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस दिए जाने की संभावना है. यह पिछले साल की तुलना में 23.5 फीसदी ज्यादा है. यानी इस बार लगभग 15 हजार नए किसान भी लाइसेंस की श्रेणी में आ जाएंगे, जिससे उन्हें अफीम की खेती से लाभ मिलेगा.

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