उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आदमखोर हो चुके तेंदुए का आतंक लगातार जारी है. वन विभाग के तमाम दावों के बीच शुक्रवार को एक बार फिर एक किसान की मौत के बाद तेंदुए के हमले की आशंका तेज़ हो गई है. दरअसल, विभाग के अधिकारी अभी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं तो वहीं, स्थानीय लोग तेंदुए के हमले से ही किसान की मौत होने का दावा कर रहे हैं.
ताजी घटना सीतापुर के ग्राम बसारा की है, जहां खेत में घास काट रहे किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि इसी गांव का रहने वाले 58 वर्षीय किसान राकेश वर्मा घास काटने खेत में गए थे. इसी दौरान तेंदुए ने उन हमला कर दिया, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई.
हमले के दौरान राकेश वर्मा ने शोर मचाया तो गांव वाले लाठी डंडे लेकर इकट्ठा हो गए. वे शोर मचाते हुए खेत में घुसे तो वहां राकेश वर्मा को मृत अवस्था में पाया. गांव वालों को यकीन है कि तेंदुए के हमले में ही किसान की मौत हुई है. वहीं, किसी अधिकारी ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. हालांकि, एक ग्रामीण ने शोर दावा किया है कि जब शोर मचा तक खेत से तेंदुआ भागते हुए दिखा.
आपको बताते चलें कि छह दिन पहले नरनी गांव में एक बाघ के हमले में युवा किसान अपनी जान गंवा चुका है. उसकी मौत के बाद गांव वालों ने जमकर हंगामा किया, तो वन विभाग वालों ने प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा और सीसीटीवी कैमरा लगाने का दावा किया था. वहीं, जिले के दौरे पर आए वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने भी बाघ को पकड़ने के सख्त निर्देश दिए थे. साथ ही बाघ और तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने के लिए भी टीम को निर्देशित किया था, लेकिन उसके बावजूद शुक्रवार को हुई इस घटना का दोबारा होना वन विभाग के दावों को खोखला साबित कर दिया है.
सीतापुर के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने कहा है कि बगैर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए वह कोई भी प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं है. भाजपा की क्षेत्रीय मंत्री नीरज वर्मा ने इसे लेकर जहां आक्रोश व्यक्त किया है. वहीं, इलाके के भाजपा विधायक शशांक त्रिवेदी ने लोगों से अकेले खेतों में ना निकलने की अपील करते हुए कहा है कि वह समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं. (अरविंद मोहन मिश्रा की रिपोर्ट)
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