16 अगस्त से पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर राजस्व और भूमि सुधार विभाग के संविदा विशेष सर्वेक्षण अमीन, कानूनगो, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी और लिपिक हड़ताल पर बैठे हुए हैं. इसी कड़ी में 28 अगस्त से लगभग आमरण अनशन भी शुरू किया गया है. वहीं, आमरण अनशन पर बैठे 11 लोगों में से शुक्रवार की शाम दो संविदा कर्मियों की तबीयत बिगड़ गई. इनमें से एक कर्मी, शिव कुमार राम, की हालत गंभीर होने पर उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है, जबकि दूसरे कर्मी नीतीश कुमार को गर्दनीबाग अस्पताल में भर्ती किया गया है.
संविदा कर्मियों का कहना है कि अब लड़ाई आर-पार की है और वे किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं. उनका आरोप है कि विभाग की ओर से फर्जी तरीके से यह प्रचारित किया जा रहा है कि लगभग 2817 कर्मियों ने पुनः ड्यूटी जॉइन कर ली है, जबकि वास्तव में कोई भी कर्मी काम पर वापस नहीं गया है.
बता दें कि विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर डटे हुए हैं. हड़ताल कर रहे संविदा कर्मियों की सबसे बड़ी मांग सेवा का नियमितीकरण या संविदा अवधि को 60 साल तक करने की है. लेकिन विभाग ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. विभाग का कहना है कि न तो ऐसा कोई प्रावधान है और न ही इस पर विचार होने की संभावना है.
विभाग ने हड़ताली कर्मियों से यह भी कहा है कि सरकार से सकारात्मक वार्ता की जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह झूठी हैं. हड़ताल के नाम पर कुछ नेता चंदा वसूली कर रहे हैं. ऐसे में कर्मियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जल्द से जल्द अपने कार्यस्थल पर योगदान दें.
बिहार में विशेष भूमि सर्वे के लिए बहाल किए गए संविदा कर्मियों की हड़ताल पर अब विभाग ने सख्ती दिखाई है. इस हड़ताल के बीच राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने साफ चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 30 अगस्त यानी आज शाम 5 बजे तक काम पर नहीं लौटने वाले कर्मियों को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.
भू-अभिलेख और परिमाप निदेशालय ने हड़ताली संविदा कर्मियों से अपील की है कि वे तुरंत अपने-अपने कार्यालय में लौटें और योगदान पत्र जमा करें. विभाग ने साफ कर दिया है कि 30 अगस्त के बाद लौटने वालों को कोई मौका नहीं मिलेगा. जो कर्मचारी तय समय तक वापस लौटेंगे, केवल उन्हीं पर विभाग आगे विचार करेगा.
इसके अलावा हड़ताल को लेकर विभाग पहले ही कार्रवाई कर चुका है. अब तक कुल 383 विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों को बर्खास्त किया जा चुका है. विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि इन बर्खास्त कर्मियों पर अब किसी तरह की सहानुभूति या विचार नहीं किया जाएगा.
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