रिश्वत लेते पकड़ाया कर्मचारीसहारनपुर में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खादी और ग्रामोद्योग अधिकारी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है. कर्मचारी पर किसान से सरकारी लोन पास कराने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है. मामला तब सामने आया जब लखनौती थाना गंगोह क्षेत्र के गांव बहादुर नगर निवासी आकिब मलिक ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की. आकिब ने खादी ग्रामोद्योग विभाग की योजना के तहत पांच लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया था.
आरोप है कि विभाग के कर्मचारी राहुल शर्मा ने लोन पास कराने के बदले उससे 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसमें पांच हजार रुपये तत्काल और दस हजार रुपये लोन मिलने के बाद देने की बात कही गई थी. शिकायत की जांच के बाद एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार 5 फरवरी 2026 को ट्रैप टीम का गठन किया.
पूर्व नियोजित योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा गया. जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से पांच हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत की रकम भी बरामद की गई.
एंटी करप्शन इंचार्ज जसपाल सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना सदर बाजार में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है और आगे की जांच की जा रही है. वहीं, शिकायतकर्ता आकिब ने बताया कि विजिलेंस टीम ने उसकी पूरी मदद की और ईमानदारी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया. इस कार्रवाई के बाद खादी ग्रामोद्योग विभाग सहित अन्य सरकारी दफ्तरों में भी खलबली मची हुई.
शिकायतकर्ता आकिब ने बताया कि वह बहादुरपुर लखनौती थाना गंगोह क्षेत्र का रहने वाला है और उसने सरकार की ग्राम उद्योग योजना में 5 लाख रुपये के लोन के लिए आवेदन किया था. इसी सिलसिले में वह संबंधित विभाग पहुंचा, जहां कर्मचारी प्रदीप कुमार ने उसे राहुल नामक व्यक्ति से मिलने की सलाह दी.
आकिब के अनुसार, राहुल से बातचीत के बाद उसका लोन आवेदन ऑनलाइन कर दिया गया. आवेदन से जुड़े दस्तावेज जब वह लेकर राहुल के पास पहुंचा, तो उसने साफ तौर पर कहा कि बिना लेन-देन के काम नहीं होगा. इस पर आकिब ने पूछा कि कितने पैसे देने होंगे, तो राहुल ने 15 हजार रुपये की मांग रखी. इसमें से 5 हजार रुपये पहले और बाकी 10 हजार रुपये काम होने के बाद देने की बात कही गई.
रिश्वत की मांग से परेशान होकर आकिब ने विजिलेंस विभाग से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी. विजिलेंस अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद तय योजना के तहत आकिब 5 हजार रुपये लेकर राहुल के पास पहुंचा. जैसे ही उसने पैसे दिए, पहले से पीछे मौजूद विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया.
शिकायतकर्ता ने बताया कि राहुल ने यह भी कहा था कि रिश्वत की रकम प्रदीप कुमार तक भी पहुंचती है. आरोपी विकास भवन के पास स्थित कार्यालय में काम करता था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया. विजिलेंस टीम की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
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