‘आम खाओ, इनाम पाओ’ से लेकर आधुनिक खेती तक, Aam Mahotsav में दिखेगा खास आकर्षण

‘आम खाओ, इनाम पाओ’ से लेकर आधुनिक खेती तक, Aam Mahotsav में दिखेगा खास आकर्षण

बिहार कृषि विभाग के बामेती परिसर में आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है. हर साल की भांति इस वर्ष भी उद्यान निदेशालय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का आयोजन 19 से 21 जून तक किया जाएगा.

Advertisement
‘आम खाओ, इनाम पाओ’ से लेकर आधुनिक खेती तक, Aam Mahotsav में दिखेगा खास आकर्षणआम महोत्सव

बिहार कृषि विभाग के बामेती परिसर में आम महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. हर साल की भांति इस वर्ष भी उद्यान निदेशालय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव-2026 का आयोजन 19 से 21 जून तक किया जाएगा. इस महोत्सव को लेकर कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार की सुगंधित मिट्टी में उपजे फलों के राजा आम को समर्पित लोकप्रिय 'आम महोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है. इस दौरान आम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा. साथ ही 'आम खाओ, इनाम पाओ' प्रतियोगिता, कृषि क्विज, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन सहित कई अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.  इसके अलावा अलग-अलग किस्मों के आमों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.

विचार-विमर्श के जरिए आम के निर्यात पर होगी चर्चा

आम महोत्सव में बिहार के बागानों से निकलकर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक आम की पहुंच कैसे बढ़ाई जाए, इस विषय पर भी चर्चा और विचार-विमर्श किया जाएगा. कृषि मंत्री ने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय स्तर के बड़े व्यापारियों और निर्यातकों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा. उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल बिहार की समृद्ध बागवानी विरासत को प्रदर्शित करेगा, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के माध्यम से कृषि क्षेत्र के सतत और समावेशी विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेगा.

आम महोत्सव आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य

कृषि मंत्री ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य किसानों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों, व्यापारियों और निर्यातकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, ताकि बागवानी क्षेत्र में नवीन तकनीकों के उपयोग, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके. इससे राज्य के किसान बागवानी को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकेंगे. राज्य में लगभग 1.64 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आम की खेती होती है. साथ ही प्रतिवर्ष लगभग 15.84 लाख मीट्रिक टन आम का उत्पादन किया जाता है. बिहार के प्रमुख आमों में भागलपुर का जर्दालु, पटना का दीघा मालदह, मधुबनी का कृष्णभोग, सुपौल का गुलाबखास, सीतामढ़ी का बम्बइया, बक्सर का चौसा, मुंगेर का चुरसा मालदह, दरभंगा का कलकतिया और पश्चिम चंपारण का जर्दा शामिल हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी विशेष पहचान रखते हैं.

आम महोत्सव 2026 में यह रहेगा आकर्षण का केंद्र

आम महोत्सव-2026 में जहां अलग-अलग किस्मों के आमों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. वहीं, इस बार कई नई तकनीकों का भी प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें आम के कीट और रोगों की पहचान के लिए Plantix App का लाइव डेमो प्रस्तुत किया जाएगा. साथ ही IoT आधारित स्वचालित बागवानी तकनीकों और AR/VR तकनीक के माध्यम से आम के बगीचों का संवेदनशील और वास्तविक अनुभव प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें सुगंध, दृश्य और वातावरण का अनूठा समावेश होगा. इसके अलावा बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए विशेष प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार जीतने का अवसर मिलेगा. वहीं कृषि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा.

POST A COMMENT