कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक-तमिलनाडु आमने-सामनेकावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को अपनी बात रखी. शिवकुमार ने कहा, आप सभी बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे. मुझे यकीन है कि आप सभी ने कावेरी मामले में आया आदेश देख लिया होगा. कर्नाटक को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश जारी किया गया है. पहले भी ऐसे कई फैसले लिए जा चुके हैं. 2016, 2017, 2023 और 2024 में भी ऐसे ही आदेश जारी किए गए थे. मैं उन पुराने आदेशों के बारे में विस्तार से बताऊंगा.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, पिछले तीन सालों में राज्य में बहुत अच्छी बारिश हुई है. पिछले साल हमने कावेरी पूजा की थी. हमने कावेरी आरती भी की थी. 177 TMC पानी छोड़ने के अनिवार्य आदेश के बावजूद, हमने तमिलनाडु को 400 TMC पानी छोड़ा था. पानी की भारी आवक के कारण हम अतिरिक्त पानी को रोक नहीं पाए. बिलिगुंडलू में 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश जारी किया गया था. अब हमने अपील दायर की है. विपक्ष ने आरोप लगाया था कि हमने अपील दायर नहीं की है.
मुख्यमंत्री ने कहा, कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) के सामने कावेरी नीरावारी निगम लिमिटेड (CNNL) के प्रबंध निदेशक ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया. उनके साथ दो सलाहकार भी थे और उन्होंने कर्नाटक का पक्ष रखा. हमने कल भी अपील दायर की थी. बसवराज बोम्मई के कार्यकाल में काम करने वाले सलाहकार हमारे साथ भी काम कर रहे हैं. हमने किसी को नहीं बदला है. हमारे अधिकारी कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए. एडवोकेट जनरल भी मौजूद थे. हमने प्राधिकरण को बताया कि हम पानी की आवक के आंकड़ों को छिपा नहीं सकते क्योंकि उनकी निगरानी गेज के जरिए की जाती है.
हरंगी: 95%
काबिनी: 83%
KRS: 36%
हेमावती: 68%
अभी कावेरी में पानी की आवक केवल 25,000 क्यूसेक है. हमें राज्य के हितों की रक्षा करनी है. हम किसानों की मुश्किलों को समझते हैं. इस साल भी हमने विधायकों की बैठक बुलाई और उनके हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए हैं. जब भी कांग्रेस सरकार सत्ता में रही है, हमने हमेशा कर्नाटक के हितों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. हम राज्य के हितों की रक्षा करना जारी रखेंगे. हमने आदेश को स्वीकार करने के बजाय अपील दायर करके उसे चुनौती दी है.
डीके शिवकुमार ने कहा, हमारे विपक्ष के नेता ने मीडिया के माध्यम से कई सुझाव दिए हैं. हमने दिल्ली में सांसदों की सर्वदलीय बैठक बुलाई. बैठक में 36 सांसद शामिल हुए. तीन केंद्रीय मंत्रियों ने भी भाग लिया. हमने सभी से राज्य के हितों से जुड़े मुद्दे पर एकजुट रहने की अपील की. अपील दायर करने से पहले, हमने इसे कर्नाटक के केंद्रीय मंत्रियों के साथ साझा किया था. अब पानी के आवक की स्थिति में थोड़ा सुधार होता दिख रहा है.
तमिलनाडु ने 9.94 TMC पानी छोड़ने की मांग की थी. हालांकि, आदेश में कर्नाटक को 4.50 TMC पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया है. मैंने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है. मैंने रविवार को होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया है. हमने अपनी कानूनी टीम के साथ इस मामले पर चर्चा की है. हम पहले कानूनी टीम की राय पर विचार करेंगे और फिर कोई निर्णय लेंगे. बीजेपी के केंद्रीय मंत्रियों ने भी अपना सहयोग दिया है. इसलिए, मैं उनकी राय भी सुनूंगा.
उन्होंने कहा, मेरे लिए, देश भर के किसान एक समान हैं. मैं सी. आर. पाटिल को बधाई देता हूं. तुंगभद्रा नदी के मुद्दे पर शिवकुमार ने कहा, लगभग 30 TMC पानी बर्बाद हो रहा था. हमने इस मुद्दे को हल करने और सुधारने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की है. गोदावरी-कावेरी-कृष्णा नदी जोड़ो परियोजना के संबंध में एक प्रस्ताव रखा गया है. हमने उस प्रस्ताव पर भी सहमति जाहिर की है. इसे 90:10 फंडिंग फॉर्मूले (90% केंद्र, 10% राज्य) के तहत एक राष्ट्रीय परियोजना के रूप में प्रस्तावित किया गया है. हमने उसे भी स्वीकार कर लिया है.
कावेरी मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा, कुछ संगठनों या बीजेपी का विरोध प्रदर्शन करना गलत नहीं है. जब भी हम सत्ता में रहे हैं, हम हमेशा किसानों के साथ खड़े रहे हैं. हर कोई कानून से वाकिफ है. बी. एस. येदियुरप्पा और बी. वाई. विजयेंद्र ने विरोध प्रदर्शन किया है. ऐसे विरोध प्रदर्शनों की कोई जरूरत नहीं थी. केंद्रीय नेता हमारे साथ हैं. हम विपक्ष को भरोसे में लिए बिना आगे नहीं बढ़ेंगे. इस जलाशय के 100 साल के इतिहास में, हमने कभी भी 0.6 TMC से कम पानी नहीं छोड़ा है.
कावेरी मुद्दे को लेकर प्रस्तावित बंद पर मुख्यमंत्री ने कहा, 13 तारीख को बंद की कोई ज़रूरत नहीं है. हम आपके साथ हैं. आप सभी जानते हैं कि बंद से जनता को कितनी परेशानी होती है. मैं विनम्रतापूर्वक अपील करता हूं कि बंद न किया जाए. कृपया बंद वापस ले लें. यह मेरा अनुरोध है. विपक्ष से मैं यह कहना चाहूंगा कि आप भी सरकार में रहे हैं. अपने कार्यकाल के दौरान आपने भी कई फैसले लिए थे. मैं इस पर चर्चा नहीं करना चाहता कि तब क्या फैसले लिए गए थे.
हम परसों चर्चा करेंगे और उसके बाद कोई फैसला लेंगे. सीेएम विजय ने कहा है कि वह 3 अगस्त को आएंगे. मैंने पहले स्टालिन से मिलने का समय मांगा था. अब नए मुख्यमंत्री हैं. विजय के साथ लोगों की एक सूची आएगी. कुछ मंत्री भी आएंगे. हमने फोन पर भी बात की. ऐसे माहौल में मैं अपने लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे विरोध न करें. आइए, इसे सुलझाएं.
मेकेदातु बांध कर्नाटक की तुलना में तमिलनाडु के लिए अधिक फायदेमंद है. हमें सिर्फ ज़्यादा बिजली मिलेगी. पानी का इस्तेमाल खेती के लिए नहीं होगा. मैं विजय से गुजारिश करूंगा कि हम किसी और तारीख पर मिलें. माहौल अच्छा होना चाहिए. हमें किसी को तकलीफ नहीं देनी चाहिए. जब मेहमान आते हैं, तो हमें उनके साथ अच्छा बर्ताव करना चाहिए. मैं उनसे गुजारिश करूंगा. वैसे भी, हमने 3 अगस्त को उनके आने की तैयारी कर ली है.
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