गर्मियों में इनकी खेती करें किसान (सांकेतिक तस्वीर)अप्रैल का महीना चल रहा है. देश में इस वक्त गर्मी की शुरुआत होती है. इस समय रबी फसलों की कटाई होती है और गरमा सब्जियों की खेती की जाती है. चूंकि यह मौसम गर्मी का होता है, तापमान अधिक रहता है इसलिए सब्जियों की या फसलों की अच्छे से देखभाल की जानी चाहिए. साथ ही इस मौसम में सब्जियों की खेती अधिक की जाती है क्योंकि इसकी मांग भी अधिक रहती है. गर्मी में सिंचाई की व्यवस्था कम नहीं रहने पर अधिक किसान खेती नहीं कर पाते हैं. इसलिए सब्जियों की खेती करके किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. आज इस खबर में हम पांच ऐसी फसलों की खेती के बारे में बताएंगे जिनकी खेती में लागत कम आती है और इससे किसान अधिक मुनाफा कमा सकते हैं.
मकई की मांग में काफी तेजी आई है इसलिए इसकी खेती काफी फायदेमंद मानी जाती है. पॉल्ट्री के साथ-साथ पशु चारे और प्रसंस्कृत खाद्य उद्योग में इसकी अच्छी खासी मांग है. गर्मियों में इसका उत्पादन अच्छा होता है साथ ही कम पानी में भी इसकी खेती हो जाती है. इसलिए किसान गर्मियों के लिए इसकी उपयुक्त किस्मों का चयन कर इसकी खेती कर सकते हैं. इनमें बेबी कॉर्न और स्वीट कॉर्न की किस्में भी शामिल हैं.
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गर्मियों में लोग सलाद खाना काफी पसंद करते हैं और सलाद के तौर पर मूली की मांग खूब होती है. मूली की कुछ ऐसी भी किस्में आपको बाजार में मिल जाएंगी जो गर्मी के मौसम में अच्छा उत्पादन देती है. इनमें चेतकी मूली और बैशाखी मूली किस्में शामिल हैं जो गर्मी में भी अच्छी उपज देती है. मूली एक कम अवधि की खेती होती है. इसकी उन्नत किस्मों की बुवाई करने के बाद यह 30-40 दिनों में तैयार हो जाती है. गर्मियों में मूली की मांग अधिक रहती है कि इसलिए बाजार में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. इससे किसानों को अच्छी कमाई होती है.
गर्मियों में मौसम सूखा रहता है ऐसे में हरे चारे की कमी हो जाती है. लोबिया की खेती किसानों की इस समस्या को दूर कर सकती है. लोबिया की खेती दाने और चारे के लिए की जाती है. इसकी खेती में कम पानी की जरूरत होती है. बलुई दोमट मिट्टी में इसकी खेती करने से किसानों को अच्छी उपज प्राप्त होती है. लोबिया की खेती करने के लिए खेत की गहरी जुताई करनी चाहिए और जमीन को समतल बनाना चाहिए, क्योंकि जल भराव होने पर फसल के किए समस्या हो सकती है.
इसकी खेती किसान साल में दो बार कर सकते हैं. बरसात के मौसम और गर्मियों के मौसम में इसकी खेती की जाती है. इसके उन्नत किस्मों की बुवाई अप्रैल महीने के अलावा मार्च औऱ फरवरी में भी कर सकते हैं. इसकी पत्तियों का इस्तेमाल खाने के लिए होता है. क्योंकि इसकी पत्तियों में कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं. इसके गुणों के कारण बाजार में इसकी मांग अच्छी रहती है औऱ दाम भी अच्छे मिलते हैं.
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गर्मियों के मौसम में सबसे अधिक इसकी मांग होती है. बाजार में यह खूब बिकता है और लोग सलाद के तौर पर इसे खूब खाते हैं. इसलिए गर्मियों में इसकी मांग भी खूब होती है. अप्रैल महीने में किसान इसकी खेती करते हैं और अच्छी मात्रा में उपज भी प्राप्त होती है. अच्छी उपज पाने के लिए बलुई या दोमट मिट्टी में इसकी उन्नत किस्मों की खेती करनी चाहिए. खीरा के खेत में जमाव नहीं होता है. गर्मियों में मांग अधिक रहने के कारण इसकी कीमत भी अच्छी रहती है और किसानों को अच्छी कमाई मिलती है.
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