आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में खेत में काम कर रहे मजदूरों की चमकी किस्मत, मिला 70 लाख का हीरा

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में खेत में काम कर रहे मजदूरों की चमकी किस्मत, मिला 70 लाख का हीरा

कुरनूल जिले के तुग्गली और मद्दिकेरा मंडव के गांवों में खेत में काम कर रहे मजदूरों को पिछले कुछ ही हफ्तों के दौरान चार हीरे मिले हैं, जनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही है. हीरा मिलने से किसान काफी खुश हैं

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आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में खेत में काम कर रहे मजदूरों की चमकी किस्मत, मिला 70 लाख का हीराकुरनूल में किसानों को मिला हीरा (सांकेतिक तस्वीर)

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में हर बारिश की मौसम में किसान ना केवल धान की खेती के लिए खेत तैयार करते हैं, बल्कि इस दौरान खेत से उन्हें अनमोल हीरा भी मिल जाता है. वो इस दौरान जब खेत की जुताई करते हैं तो हीरे भी खोजते हैं. यहां के गांवों में हर साल लगभग दो चार किसानों को हीरे मिल जाते हैं. इसलिए किसानों की उम्मीदें इस बार भी जगी हैं. जिले के तुग्गली और मद्दिकेरा मंडव के गांवों में खेत में काम कर रहे मजदूरों को पिछले कुछ ही हफ्तों के दौरान चार हीरे मिले हैं, जनकी कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई जा रही है. हीरा मिलने से किसान काफी खुश हैं और उनके अंदर भी उम्मीद जगी है कि उन्हें भी खेतों काम करने के दौरान यह मिल सकता है. 

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार  तुग्गली मंडल के मदनंदपुरम गांव में एक स्थानीय किसान को 20 लाख रुपए की कीमत का एक कीमती पत्थर मिला. इस किसान ने इस पत्थर को मद्दिकेरा मंडल के पेरावली गांव के एक व्यापारी को बेच दिया गया. हालांकि हीरे मिलने की बात को मानने से स्थानीय पुलिस ने इनकार कर दिया है. पुलिस ने कहा है कि उन्हें ऐसी किसी भी तरह के खबर की जानकारी नहीं है. पुलिस ने बताया कि गांव वाले हर साल मई से हीरे की तलाश शुरू करते हैं और बरसात के मौसम के अंत तक जारी रखते हैं. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस साल अभी तक कीमती पत्थरों की खोज के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. 

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हर साल मिलते हैं हीरे

यहां पर जोनागिरी, तुग्गली, मद्दिकेरा, पगीदिराई और पेरावली मंडलों के गांवों में यह एक आम प्रथा है, जहां ग्रामीण बरसात के मौसम में हीरे की तलाश में गीली जमीन को खोदते हुए देखे जाते हैं. स्थानीय निवासी बताते हैं कि भारी बारिश के कारण जमीन की कई परतें धुल जाती हैं, जिससे कीमती पत्थर निकल आते हैं.  अनौपचारिक रिपोर्टों का दावा है कि मद्दिकेरा और तुग्गली मंडल में अकेले हर साल 5 करोड़ रुपये के हीरे मिलते हैं. जहां कुछ आम लोग रातों-रात अमीर बन रहे हैं, वहीं दूसरों की मेहनत बिचौलियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. स्थानीय व्यापारी और बिचौलिए ग्रामीणों से खरीदे गए इन हीरों को अनंतपुर जिले के गुत्थी में बड़े व्यापारियों को बेचते हैं.

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जून से नवंबर तक जमा होते हैं लोग

इससे पहले भी आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के चिन्ना जोनागिरी इलाके में एक स्थानीय किसान को अपने खेत में 30 कैरेट का हीरा मिला था. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार   किसान ने हीरे को एक स्थानीय व्यापारी को 1.2 करोड़ रुपये में बेच दिया था. इस मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया था कि इलाके में लोगों द्वारा कीमती पत्थर मिलने की घटनाएं असामान्य नहीं हैं. पिछले कई सालों से लोग कीमती पत्थरों की तलाश में जून से नवंबर के बीच हर साल कुरनूल जिले में इकट्ठा होते हैं.साथ ही कहा था कि  यह क्षेत्र मानसून पूर्व या बाद की बारिश के कारण धरती की ऊपरी परतों के बह जाने के बाद बहुमूल्य पत्थरों के निकलने के लिए प्रसिद्ध है. 

 

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