जम्मू रेलवे डिवीजन की बड़ी उपलब्धि, गुजरात से पहली बार J&K पहुंची अमूल दूध की स्पेशल ट्रेन

जम्मू रेलवे डिवीजन की बड़ी उपलब्धि, गुजरात से पहली बार J&K पहुंची अमूल दूध की स्पेशल ट्रेन

यह स्पेशल मालगाड़ी 20 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद डिवीजन स्थित लिंच गुड्स शेड से रवाना हुई थी. ट्रेन में अमूल के डेयरी उत्पादों से भरे 20 BCN वैगन लगाए गए थे. यह मालगाड़ी जम्मू डिवीजन के बारी ब्राह्मण और अनंतनाग गुड्स शेड तक पहुंची.

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जम्मू रेलवे डिवीजन की बड़ी उपलब्धि, गुजरात से पहली बार J&K पहुंची अमूल दूध की स्पेशल ट्रेनजम्मू रेलवे डिवीजन की बड़ी उपलब्धि

भारतीय रेलवे के जम्मू डिवीजन ने पहली बार गुजरात से दूध की स्पेशल मालगाड़ी को सफलतापूर्वक जम्मू पहुंचाया है. यह जम्मू-कश्मीर में डेयरी उत्पादों की आसान सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. रेलवे अधिकारियों ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. उनका कहना है कि इस पहल से क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और लोगों को दूध जैसे पौष्टिक डेयरी उत्पाद समय पर मिल सकेंगे. इसके साथ ही यह कदम दूरदराज के इलाकों तक जरूरी सामान पहुंचाने और सप्लाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेलवे की मजबूत तैयारी को भी दिखाता है.

स्पेशल मालगाड़ी में भेजे गए दूध, छाछ और लस्सी

यह स्पेशल मालगाड़ी 20 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद डिवीजन स्थित लिंच गुड्स शेड से रवाना हुई थी. ट्रेन में अमूल के डेयरी उत्पादों से भरे 20 BCN वैगन लगाए गए थे. यह मालगाड़ी जम्मू डिवीजन के बारी ब्राह्मण और अनंतनाग गुड्स शेड तक पहुंची. अधिकारियों ने बताया कि 10 वैगन बारी ब्राह्मण में उतारे गए, जबकि बाकी 10 वैगन अनंतनाग भेजे गए. हर हिस्से में करीब 500 टन डेयरी उत्पाद थे. वहीं, इस खेप में टोन्ड दूध, दूध पाउडर, छाछ, लस्सी और अन्य जरूरी डेयरी सामान शामिल था.

जम्मू डिवीजन के लिए गर्व और ऐतिहासिक पल

सीनियर डिवीजनल कमर्शियल मैनेजर उचित सिंघल ने कहा कि यह जम्मू डिवीजन के लिए गर्व और ऐतिहासिक पल है. उन्होंने बताया कि अमूल दूध और डेयरी उत्पाद लेकर आने वाली पहली स्पेशल मालगाड़ी की योजना जम्मू-कश्मीर के लोगों, व्यापारियों और परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. उन्होंने कहा कि इससे जम्मू और आसपास के इलाकों में ताजे डेयरी उत्पाद दिन-रात आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे. उचित सिंघल ने यह भी बताया कि सीधे रेल संपर्क से सड़क मार्ग की तुलना में सामान पहुंचाने का समय और खर्च दोनों कम होंगे, जिससे स्थानीय बाजारों और आम लोगों को फायदा मिलेगा.

कश्मीर घाटी के बाजारों तक पहुंचेंगे डेयरी प्रोडक्ट

अधिकारियों ने बताया कि अक्टूबर 2025 में भी जम्मू डिवीजन ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की थी. उस समय गुजरात के खाराघोड़ा से अनंतनाग तक रेल के जरिए 1,350 टन औद्योगिक नमक पहुंचाया गया था. अधिकारियों का कहना है कि इस नई पहल से गुजरात और जम्मू-कश्मीर के बीच व्यापारिक और आर्थिक रिश्ते और मजबूत होंगे. इससे डेयरी और औद्योगिक सामान सीधे कश्मीर घाटी के बाजारों तक पहुंच सकेंगे. जम्मू डिवीजन ने कहा कि ऐसे कदमों से माल ढुलाई व्यवस्था और बेहतर होगी, साथ ही क्षेत्रीय आर्थिक विकास और जरूरी सामान की स्थिर सप्लाई में भी मदद मिलेगी. (PTI)

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