पुलिस ने 3 लोगों के खिलाफ दर्ज किया मामला (AI Image)महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में एक निजी फाइनेंस कंपनी के कार्यालय में 40 वर्षीय किसान का शव फंदे से लटका मिला. किसान के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने 10,000 रुपये के कर्ज के बदले 70,000 रुपये की मांग की थी. मामले में पुलिस ने कंपनी के मालिक और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का केस दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
मृतक किसान की पहचान चंद्रकांत शिंदे के रूप में हुई है. वह नांदेड़ जिले की मुदखेड़ तहसील के मलकौठा गांव के निवासी थे और उनके पास दो एकड़ कृषि भूमि थी. परिजनों के अनुसार, शिंदे ने खालसा फाइनेंस नाम की निजी कंपनी से 10,000 रुपये का कर्ज लिया था. परिवार का आरोप है कि कर्ज की वसूली के सिलसिले में कंपनी के प्रतिनिधि बुधवार को उन्हें गांव से नांदेड़ स्थित अपने कार्यालय ले गए थे.
परिजनों के मुताबिक, शनिवार दोपहर चिखलीवाड़ी रोड स्थित कंपनी के कार्यालय में शिंदे का शव फंदे से लटका मिला. उनकी मां सरजाबाई और बेटी रुपाली ने आरोप लगाया कि कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें कार्यालय में बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि मौत को आत्महत्या दिखाने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया.
नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने बताया कि किसान के परिजनों की शिकायत के आधार पर फाइनेंस कंपनी के मालिक और दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया गया है. इन दोनों पर किसान को नांदेड़ लाने का आरोप है. पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की हैं.
किसान के परिवार ने चंद्रकांत शिंदे की मौत की परिस्थितियों की गहन जांच कराने की मांग की है. स्थानीय लोगों ने कर्ज वसूली के कथित दबावपूर्ण तरीकों पर चिंता जताई है. यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब सरकार ने फाइनेंस कंपनियों को सूखा प्रभावित किसानों के घर जाकर कर्ज वसूली नहीं करने के निर्देश दिए हैं.
वहीं, पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन ने निजी फाइनेंस कंपनियों की ओर से कथित उत्पीड़न का सामना कर रहे किसानों से पुलिस से संपर्क करने की अपील की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी. (पीटीआई)
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