फसल नुकसान पर मिलेगा दोगुना मुआवजा (AI Image)केरल के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. दरअसल, केरल सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों से फसलों को होने वाले नुकसान के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की दरें दोगुनी कर दी हैं. करीब 10 साल बाद मुआवजे की दरों में बदलाव किया गया है. इससे उन किसानों को राहत मिलेगी जिनकी फसलें जंगली जानवरों के हमलों में बर्बाद हो जाती हैं. सरकार के नए आदेश के मुताबिक, मुआवजे की अधिकतम सीमा और आवेदन करने की संख्या पर लगी पाबंदियां भी हटा दी गई हैं. यानी किसान अब तय सीमा की बाध्यता के बिना नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे.
केरल सरकार ने नारियल और कोको की उपज को हुए नुकसान के लिए भी मुआवजे का प्रावधान किया है. जंगली जानवरों के हमले से नष्ट हुए नारियल के लिए 15 रुपये प्रति नारियल और कोको के नुकसान पर 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मुआवजा दिया जाएगा. पहले नारियल या कोको के पेड़ पूरी तरह नष्ट होने पर ही मुआवजा मिलता था. नए आदेश में उपज के नुकसान के लिए भी मुआवजे की व्यवस्था की गई है.
मुआवजा पाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी समय-सीमाओं का ध्यान रखना होगा. फसल या उपज को नुकसान होने की जानकारी घटना के दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों को देनी होगी. इसके बाद नुकसान होने के छह महीने के भीतर तय प्रारूप में आवेदन जमा करना होगा. हालांकि, मुआवजे के लिए पात्रता से जुड़ी मौजूदा शर्तें और उनकी जांच की प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेंगी.
सरकारी बयान के मुताबिक, वन विभाग ने मुआवजे की दरों में बदलाव की पहल इसलिए की, क्योंकि जंगली जानवरों के हमलों से फसलों को होने वाले नुकसान की तुलना में किसानों को मिलने वाली सहायता बहुत कम पाई गई थी. वहीं, पिछली बार मुआवजे की दरों में साल 2015 में बदलाव किया गया था. नई व्यवस्था का उद्देश्य जंगली जानवरों के हमलों से फसलें गंवाने वाले किसानों को बेहतर आर्थिक सहायता देना है. इससे किसानों को नुकसान की भरपाई करने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. (PTI)
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