Wheat Price: गेहूं के दाम में शुरू हो गया ग‍िरावट का दौर, क्या है बड़ी वजह?

Wheat Price: गेहूं के दाम में शुरू हो गया ग‍िरावट का दौर, क्या है बड़ी वजह?

Gehu Mandi Bhav: गेहूं के दाम अब ऊंचाई से उतरने लगे हैं. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि थोक बाजारों में लगातार नरमी बनी हुई है. बड़े उत्पादक राज्यों में कीमतें सालाना और मासिक दोनों आधार पर नीचे आई हैं.

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Wheat Price: गेहूं के दाम में शुरू हो गया ग‍िरावट का दौर, क्या है बड़ी वजह?गेहूं के दाम में गिरावट (फाइल फोटो)

प‍िछले कुछ वर्षों से अपने सरकारी भाव से अक्सर ज्यादा पर ब‍िकने वाले गे‍हूं के दाम में नरमी का रुख देखने को म‍िल रहा है. एक बार फ‍िर इसका रेट एमएसपी के करीब आ गया है. यह गिरावट इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्‍योंकि देश में एक बार फिर गेहूं के बंपर उत्‍पादन का अनुमान है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के रबी सीजन की ताजा बुवाई के आंकड़े (2 जनवरी तक) भी इसी ओर संकेत दे रहे हैं. ऐसे में अभी से ही गेहूं के दाम का ग‍िरना शुरू हो गया है. अनुमान है कि नई फसल आने पर इसका भाव MSP के बहुत करीब आ जाएगा. सरकार की भी यही कोश‍िश रहती है क‍ि मार्च-अप्रैल तक दाम क‍िसी भी तरह से ग‍िरा या ग‍िरवा द‍िए जाएं, ताक‍ि बफर स्टॉक के ल‍िए सरकारी खरीद पूरी हो सके. हालांक‍ि, इससे क‍िसानों को नुकसान पहुंचता है. 

वर्तमान में बाजार में जो गेहूं बिक रहा है, उसका एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन अब रबी मार्केटिंग सीजन RMS 2026-27 के लिए सरकार ने MSP 160 रुपये बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है. यानी अब अप्रैल में आने वाली नई गेहूं की उपज के लिए यह एमएसपी लागू होगा. लेकिन, मंडियों में किसानों को मिल रहा औसत भाव अब इस एमएसपी के करीब पहुंचने को है. दाम में नरमी की वजह बुवाई का एर‍िया बढ़ना और बंपर उत्पादन का अनुमान होना है. साल 2022 से लगे गेहूं के एक्सपोर्ट बैन को खुलने भी अभी कोई उम्मीद नहीं द‍िखाई दे रही है.  

तीन महीनों में साफ दिखा जमीन पर लौटने का ट्रेंड!

देश के थोक बाजारों में गेहूं की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 के राज्यवार आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि गेहूं के दाम अब ऊंचे स्तर से नीचे उतर रहा है. अक्टूबर 2025 में गेहूं का ऑल इंडिया औसत थोक भाव 2,684 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया था.

इसके बाद नवंबर 2025 में यह औसत बढ़कर 2,723 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, लेकिन यह तेजी टिकाऊ साबित नहीं हुई. दिसंबर 2025 आते-आते औसत कीमत घटकर 2,676 रुपये प्रति क्विंटल रह गई. यानी एक ही महीने में करीब 47 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट देखने को मिली. राज्यवार आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रमुख उत्पादक राज्यों में दामों की कमजोरी ज्यादा साफ दिखती है.

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, बिहार और राजस्थान जैसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में दिसंबर 2025 में कीमतें नवंबर के मुकाबले नीचे आई हैं. उत्तर प्रदेश में मासिक आधार पर करीब 2.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पंजाब में यह गिरावट 3.6 प्रतिशत रही. बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में भी थोक भाव में 2 से 4 प्रतिशत तक की नरमी देखी गई.

सालाना आधार 7 प्रतिशत गिरा औसत भाव

अगर सालाना आधार पर तुलना करें तो तस्वीर और ज्यादा स्पष्ट हो जाती है. दिसंबर 2025 में ज्‍यादातर राज्यों में गेहूं के दाम दिसंबर 2024 के मुकाबले कम रहे. मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सालाना आधार पर 10 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई. इससे साफ है कि बीते एक साल में बाजार से ऊंचे दामों का दबाव काफी हद तक निकल चुका है.

हालांकि, कुछ राज्यों में अपवाद भी देखने को मिले हैं. उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य रहे, जहां सालाना आधार पर कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई. लेकिन, इसके बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर ट्रेंड कमजोर ही बना हुआ है. दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में देशभर में गेहूं के औसत भाव में 7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. दिसंबर 2024 में जहां देशभर में औसत भाव 2870.35 रुपये प्रति क्विंटल थे, जो दिसंबर 2025 में 2676.03 रुपये प्रति क्विंटल रह गया.

जनवरी में तापमान बढ़ने का अनुमान

इधर, आईएमडी के जनवरी अंत में तापमान बढ़ने के पूर्वानुमान ने गेहूं उत्‍पादन और उपज की क्‍वालिटी को लेकर थोड़ी चिंता की स्थिति पैदा की है. लेकिन, पिछले साल भी फरवरी में जमकर गर्मी पड़ी थी, जिसका कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिला था. कृषि वैज्ञानिक 75 प्रतिशत रकबे में तापमान को सहने वाली उन्‍नत कि‍स्‍मों का हवाला देते हुए इस बार भी अच्‍छे उत्‍पादन की बात कह रहे हैं. ऐसे में रिकॉर्ड उत्‍पादन से सप्‍लाई सुचारू रहने और दाम और कम होने का अनुमान है.

अक्‍सर पूछे जाने वाले सवाल (Frequently Asked Questions- FAQs)

1. गेहूं के दाम में अभी गिरावट क्यों आ रही है?
बुवाई का रकबा बढ़ने और बंपर उत्पादन के अनुमान से बाजार में सप्लाई का दबाव बढ़ा है.

2. क्या गेहूं का भाव MSP के करीब आ गया है?
हां, मंडियों में गेहूं का औसत भाव अब MSP के काफी करीब पहुंच गया है.

3. नए गेहूं का MSP कितना तय किया गया है?
RMS 2026-27 के लिए गेहूं का MSP बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है.

4. क्या आने वाले समय में गेहूं के दाम और गिर सकते हैं?
नई फसल की आवक के बाद भाव MSP के आसपास या उससे थोड़ा नीचे आ सकते हैं.

5. अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच औसत भाव कितना गिरा है?
तीन महीनों में गेहूं के औसत भाव में करीब 47 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है.

6. किन राज्यों में गेहूं के दाम सबसे ज्यादा गिरे हैं?
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में दामों में ज्यादा नरमी दिखी है.

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