छत्तीसगढ़ में धान उठाव से पहले गायब हुआ स्टॉक? खरीद केंद्र से 900 बोरी गायब, जांच शुरू

छत्तीसगढ़ में धान उठाव से पहले गायब हुआ स्टॉक? खरीद केंद्र से 900 बोरी गायब, जांच शुरू

छत्तीसगढ़ में धान गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दरअसल, धान खरीद केंद्र से लगभग 900 बोरी धान गायब होने की खबर सामने आई है, जिसके बाद प्रशासन जांच में जुट गई है कि आखिर पूरा मामला क्या है.

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छत्तीसगढ़ में धान उठाव से पहले गायब हुआ स्टॉक? खरीद केंद्र से 900 बोरी गायब, जांच शुरू900 बोरी धान गायब

छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के धान खरीद केंद्र कठौतिया में 900 बोरी धान गायब होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ये मामला सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर गड़बड़ी और संभावित हेराफेरी की आशंका को ओर इशारा करता है. सवाल सीधा है कि आखिर 900 बोरी धान गया तो गया कहां? जब धान उठाव के लिए गोयल राइस मिल को डीओ जारी किया गया, जिसमें 120 क्विंटल धान का गेट पास बना कर भेजा गया था, लेकिन खरीद केंद्र के स्टॉक उतना धान मौजूद नहीं था और जो धान था भी वो भी बिखरा था, जिसके कारण गाड़ी को खाली लौटना पड़ा.

प्रबंधक से किया गया जवाब-तलब

इसकी शिकायत राइस मिलर द्वारा कलेक्टर से की गई थी, ऐसी स्थिति अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करती है. क्या रिकॉर्ड में धान दिखाया गया लेकिन ज़मीन पर मौजूद नहीं था? या फिर धान का उठाव पहले ही कहीं और कर दिया गया था? मामले की जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सदस्य उदित नारायण सिंह, भलौर के सरपंच और ग्रामीण बड़ी संख्या में खरीद केंद्र पहुंचे. वहां प्रबंधक से जवाब-तलब किया गया, लेकिन स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई.

“धान सूख रहा है” जैसे दिए गए तर्क 

प्रबंधन की ओर से “धान सूख रहा है”, “बिखरा धान भरवाया जा रहा है” जैसे तर्क दिए गए, जो पूरे घटनाक्रम को और संदिग्ध बना रहे हैं. यदि 900 बोरी धान केंद्र में था, तो वाहन खाली क्यों लौटा? क्या तौल में गड़बड़ी हुई? क्या परिवहन से पहले ही धान का उठाव कर लिया गया? या फिर यह पूरा मामला संगठित तरीके से की गई हेराफेरी का हिस्सा है? शिकायत सीधे कलेक्टर तक पहुंच चुकी है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

धान उठाव के खंगाले जा रहे दस्तावेज

मंडी से पहले जिन धानों का उठाव हुआ है, उनके दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. स्टॉक रजिस्टर, तौल पर्ची, परिवहन आदेश और भंडारण की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है. यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि धान खरीद किसानों की मेहनत से जुड़ा है. यदि 900 बोरी धान गायब है, तो इसका सीधा असर किसानों के भुगतान और सरकारी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर पड़ेगा. अब पूरे जिले की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं. क्या यह महज लापरवाही निकलेगी या फिर धान खरीद केंद्र में बड़ा खेल उजागर होगा? फिलहाल 900 बोरी धान का हिसाब अधूरा है और सवाल अब भी कायम है, जवाब कौन देगा?

बोरी में नहीं आई है कमी: प्रबंधक

कठौतिया समिति के प्रबंधक बलराम सिंह के द्वारा बताया गया कि जो कमी की बात आ रही है वह सूक्ति वाले हैं. बाकी बोरी में कमी नहीं है. वही स्टॉक पूरा है अभी 922 बोरी है और जो यहां बोरी पड़ी है वह कटा फटा है उसको भरवा रहे हैं. बोरी में हो जाएगा तो दे देंगे. यहां अभी 900 बोरी के आस पास धान है, गोदाम में रखा हुआ है कल जब गाड़ी धान उठाने को आई तब कटा फट गया था, इसलिए गांड़ी वापस लौट गई, अब हम लोग वजन करवा कर फिर भर रहे है जिससे कम वजन न रहे.

पता लगाया जा रहा, आखिर कहां हुई चूक

वहीं, जिला पंचायत सदस्य और समिति अध्यक्ष उदित नारायण सिंह के द्वारा बताया गया कि जानकारी समाचार के माध्यम से मुझे पता चला, इसलिए मैं यहां जानकारी लेने आया हूं. धान है जो फटे हुए बोरे है उसकी सिलाई की जा रही है. अभी शाम तक कितना बोरी काउंटिंग होता है, समझ में आ जायेगा. वहीं. अभी तक कितनी गाड़ी में धान गया है और उसको लेकर भी हम लोग चर्चा कर रहे है कि आखिर कहां चूक हुई है. (धीरेन्द्र विश्वकर्मा की रिपोर्ट)

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