पंजाब में 1 अप्रैल से गेहूं खरीद होगी शुरूपंजाब के फूड सप्लाई मंत्री लालचंद कटारुचक ने कहा कि कल (बुधवार) से पंजाब में गेहूं की खरीद शुरू हो रही है जिसके लिए हर तरह के प्रबंध किए गए हैं. उन्होंने बताया कि इस साल 34 लाख 90 हजार हेक्टेयर गेहूं की बिजाई हुई है और 7 लाख से ज्यादा किसान मंडियों में उपज बेचने आएंगे. गेहूं की खरीद के लिए पंजाब में 1897 मंडियां हैं और कुछ टेंपररी मंडियां भी बनाई गई हैं. मंत्री ने कहा कि इस साल 2585 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद होगी जो पहले से 160 रुपये ज्यादा है. खरीद के प्रबंध पूरे हो चुके हैं.
कटारुचक ने कहा कि 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का टारगेट केंद्र सरकार ने हमें दिया है, लेकिन हमने 132 लाख टन खरीद का प्रबंध पंजाब में किया है.
31.11 लाख मीट्रिक टन-पनग्रेन
28.67 लाख मीट्रिक टन-पनसप
29.28 लाख मीट्रिक टन-मार्कफेड
17.69 लाख मीट्रिक टन-वेयर हाउस
15.25 लाख मीट्रिक टन-FCI
मंत्री ने बताया कि खरीद के दौरान बॉर्डर क्षेत्र पर नजर रहेगी ताकि पुख्ता प्रबंध रहे और किसी तरह की लापरवाही नहीं हो. इस बात पर ध्यान रहेगा कि बाहर के राज्य का गेहूं पंजाब में नहीं आए. अगर आता है तो उस पर सख्त कार्यवाही होगी ताकि पंजाब को दिए पैसे से पंजाब के गेहूं की ही खरीद हो सके.
भंडारण को लेकर जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि 2022 में सरकार बनी जिसके बाद देखा कि अनाज रखने के लिए स्पेस एक चुनौती है. पंजाब में 7 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 50 लाख मीट्रिक टन चावल की स्पेस है. इसकी ढुलाई के लिए अप्रैल में 409 स्पेशल ट्रेन की मांग की है और 540 ट्रेन मई के लिए मांग की है. भंडारण का कुछ प्रबंध ओपन प्लांट में किया है जिसमें 51 लाख मीट्रिक टन अनाज रखा जा सकेगा. 4 लाख मीट्रिक टन भंडारण के लिए FCI के साइलो बने हैं. 22.25 लाख मीट्रिक टन अनाज भारत सरकार को सीधा उठाना है.
आढ़तियों के कमीशन को लेकर कटारुचक ने कहा कि वे हमारे हैं, काम का हिस्सा हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं आए, इसके लिए अपील करेंगे. आढ़तियों के कमीशन में 4 रुपये बढ़ा है.
खरीद की अवधि: 1 अप्रैल, 2026 से शुरू होगी, और अप्रैल के मध्य में सबसे ज्यादा आवक होने की उम्मीद है.
लक्ष्य: राज्य ने 132 LMT गेहूं खरीदने की व्यवस्था की है.
MSP: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
बोरी की कमी: लगभग 500 लाख बोरियों (कुल 260 मिलियन की जरूरत है) की संभावित कमी के कारण खरीद में देरी हो सकती है.
परिवहन: राज्य से गेहूं बाहर भेजने के लिए 3 महीनों में 860 ट्रेनों का इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई है.
सीधा परिवहन: भीड़ कम करने के लिए, पंजाब ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) से मंडियों से सीधे 22 LMT गेहूं भेजने की अनुमति मांगी है.
मुख्य एजेंसियां: खरीद का काम राज्य की एजेंसियां संभालती हैं, जिनमें Markfed, PUNSUP, और Punjab State Warehousing Corporation (PSWC) शामिल हैं.
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