Mango Price: कर्नाटक में आम किसान कमजोर भाव से परेशान, केंद्रीय मंत्री ने शिवराज से की PDPS लागू करने की मांग

Mango Price: कर्नाटक में आम किसान कमजोर भाव से परेशान, केंद्रीय मंत्री ने शिवराज से की PDPS लागू करने की मांग

कर्नाटक में आम किसानों को गिरते बाजार भाव से राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है. केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर 2026-27 के लिए प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम लागू करने की मांग की है. उन्‍होंने कहा कि इससे किसानों को लागत और बाजार मूल्य के अंतर की भरपाई मिल सकेगी.

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कर्नाटक में आम किसान कमजोर भाव से परेशान, केंद्रीय मंत्री ने शिवराज से की PDPS लागू करने की मांगकेंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्‍वामी (फाइल फोटो/एएनआई)

कर्नाटक में आम उत्पादकों को लगातार गिरते बाजार भाव से राहत दिलाने की मांग तेज हो गई है. केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के आम किसानों को प्राइस डेफिशिएंसी पेमेंट स्कीम (PDPS) के दायरे में लाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि बाजार में कीमतों के दबाव से किसानों की आय प्रभावित हो रही है और उन्हें सुरक्षा देने की जरूरत है.

राज्‍य में 10 लाख टन अनुमानि‍त उत्पादन

पत्र में कुमारस्वामी ने बताया कि कर्नाटक देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है. राज्य में करीब 1.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और मौजूदा सीजन में लगभग 10 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है. कोलार, चिक्कबल्लापुर, रामनगर, बेंगलुरु ग्रामीण, धारवाड़, तुमकुरु और हावेरी जैसे जिले प्रमुख उत्पादक क्षेत्र हैं.

भाव में गिरावट से लागत निकालना भी मुश्किल

कुमारस्वामी ने कहा कि इस बार मौसमी दबाव और बाजार में अधिक आवक के कारण किसानों को कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ रही है. कर्नाटक कृषि मूल्य आयोग के आकलन के अनुसार आम उत्पादन की लागत (C-3) करीब 3,951 रुपये प्रति क्विंटल बैठती है, जबकि मौजूदा बाजार भाव इससे काफी नीचे चल रहे हैं. ऐसे में किसानों के लिए उत्पादन लागत निकालना भी चुनौती बन गया है.

किसानों की आय पर असर

उन्होंने पत्र में कहा कि राज्य के हजारों परिवार आम की बागवानी पर निर्भर हैं. सिंचाई, मजदूरी, रखरखाव और तुड़ाई पर बढ़ते खर्च के बाद कम कीमत मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसका असर ग्रामीण आय और बागवानी क्षेत्र दोनों पर दिखाई दे रहा है.

कुमारस्वामी ने सुझाव दिया कि मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (MIS) के जरिए PDPS लागू कर बाजार भाव और लाभकारी मूल्य के बीच अंतर की भरपाई की जा सकती है. उन्‍हाेंने कहा कि इससे सीधे किसानों को राहत मिलेगी और बाजार व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ेगा. उन्होंने खास तौर पर कोलार जैसे जिलों के किसानों के हित में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित कदम उठाने की अपील की.

निर्यात मोर्चे पर अच्छी खबर

दूसरी ओर, एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव ने बताया कि इस सीजन भारत के आम का निर्यात 45 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को होने वाला निर्यात सीजन खत्म होने से पहले ही पिछले पूरे सीजन के स्तर को पार कर चुका है, जो भारतीय आम उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. (एएनआई)

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