अवैध वसूली के खिलाफ अनोखा प्रदर्शनबेंगलुरु के KR पुरम इलाके में व्यापारियों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आया है. अवैध वसूली के आरोपों को लेकर अखिल कर्नाटक किसान एवं व्यापारी महासंघ के सदस्यों ने रात के समय अनोखा प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी बोरे पहनकर पैदल मार्च करते हुए बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर के कार्यालय की ओर रवाना हुए. उनका कहना था कि व्यापारियों से कथित तौर पर लगातार पैसे वसूले जा रहे हैं, लेकिन शिकायत और सबूत देने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है.
महासंघ के अध्यक्ष एले श्रीनिवास के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़े. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पुलिस कमिश्नर सीमान्थ कुमार सिंह से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करना चाहते हैं और उनके सामने इससे जुड़े दस्तावेज और सबूत रखना चाहते हैं.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर पुलिस कमिश्नर उनसे नहीं मिलते हैं तो वे गृह मंत्री से मिलने जाएंगे. उनका यह भी कहना था कि अगर दोनों में से किसी से मुलाकात नहीं हुई तो वे रात में सड़क पर ही बैठकर अपना विरोध जारी रखेंगे.
व्यापारियों का आरोप है कि इलाके में करीब 700 से 800 दुकानें हैं और कई दुकानदारों से अलग-अलग रकम ली जा रही है. आरोप के मुताबिक, दुकानों से 200, 300 और 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. वहीं, केले बेचने वाले कारोबारियों से कथित तौर पर करीब 10 हजार रुपये तक ‘रोल कॉल’ के नाम पर लिए जा रहे हैं.
व्यापारियों का कहना है कि यह वसूली सिर्फ एक बार नहीं होती, बल्कि कथित तौर पर सुबह और शाम दोनों समय पैसे मांगे जाते हैं. इससे छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है.
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्होंने सुबह ही पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. उनके अनुसार, सायापुर पुलिस ने शिकायत स्वीकार की और संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किया. नोटिस में कथित तौर पर उन्हें किसी भी तरह की अवैध वसूली नहीं करने के लिए कहा गया है.
हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस में शिकायत और नोटिस जारी होने के बाद भी कथित वसूली बंद नहीं हुई. उनका कहना है कि कुछ लोग कानून और पुलिस की कार्रवाई से बेखौफ होकर पैसे जमा कर रहे हैं.
महासंघ के अध्यक्ष एले श्रीनिवास ने सवाल उठाया कि जब पुलिस में शिकायत दर्ज हो चुकी है और मामले से जुड़े दस्तावेज भी दिए जा चुके हैं, तो इसके बावजूद कथित अवैध वसूली कैसे जारी है. उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों को इस तरह खुले तौर पर पैसे लेने की ताकत कौन दे रहा है और इनके पीछे कौन है.
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जो लोग इस कथित वसूली का विरोध करते हैं, उनके साथ बदसलूकी की जाती है. उनका यह भी आरोप है कि अगर कोई व्यक्ति मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करता है तो उसे कथित तौर पर धमकाने या मारपीट करने की कोशिश की जाती है.
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इलाके में टैक्स के नाम पर भी कथित तौर पर अवैध रकम वसूली जा रही है. इसके अलावा ‘रोल कॉल’ के नाम पर भी पैसे लिए जाने का आरोप है. व्यापारियों का कहना है कि वे इस तरह की कथित वसूली को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे.
महासंघ ने साफ कहा कि KR पुरम इलाके में व्यापारियों से अवैध तरीके से पैसे लेने की व्यवस्था को खत्म किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि जब किसी व्यक्ति से जबरन या बिना कानूनी आधार के पैसा लिया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना जरूरी है.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे रात में सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय जाकर उनसे इस पूरे मामले पर जवाब मांगेंगे. उनका कहना था कि अगर पुलिस कमिश्नर उपलब्ध नहीं होते हैं तो वे गृह मंत्री से मिलने के लिए उनके आवास जाएंगे.
हालांकि, पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को KR पुरम पुलिस ने कथित तौर पर रोक लिया और हिरासत में ले लिया. इसके बाद मामले को लेकर व्यापारियों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण हो गई.
व्यापारियों की मुख्य मांग है कि उनके द्वारा दिए गए दस्तावेज और सबूतों के आधार पर कथित अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि छोटे व्यापारियों से पैसे वसूलने की ऐसी व्यवस्था को किसी भी स्थिति में जारी नहीं रहने दिया जा सकता.
व्यापारियों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक KR पुरम में कथित अवैध वसूली पर रोक नहीं लगती और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती. अब इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है. (सगाय राज का इनपुट)
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