
चीनी हर घर की सुबह की चाय से लेकर मिठाइयों और रोजमर्रा की कई चीजों में इस्तेमाल होने वाली जरूरी खाद्य वस्तु है.लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने इसकी मिठास फीकी कर दी है. मध्यप्रदेश में पिछले करीब 20 दिनों में चीनी के दाम में लगभग ₹20 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है.भोपाल समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों में फिलहाल चीनी करीब ₹65 प्रति किलो के भाव में बिक रही है. बाजार के बड़े व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने पर इसके दाम ₹70 प्रति किलो के पार भी जा सकते हैं.
बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 20 दिन पहले जहां कई जगहों पर चीनी लगभग ₹45 प्रति किलो के आसपास मिल रही थी, वहीं अब इसका भाव बढ़कर करीब ₹65 प्रति किलो तक पहुंच गया है. यानी कम समय में करीब ₹20 प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है.
लोगों की रसोई के बजट को प्रभावित कर रही है.पहले से ही आटा, दाल, खाद्य तेल, सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की बढ़ी कीमतों के बीच चीनी महंगी होने से परिवारों का मासिक खर्च और बढ़ गया है.
चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय तक सीमित नहीं है.घरों में चाय, मिठाइयों, हलवा, खीर और दूसरे खाद्य पदार्थों में इसका नियमित इस्तेमाल होता है. ऐसे में चीनी के दाम बढ़ने से रोजाना के छोटे-छोटे खर्च भी बढ़ रहे हैं.
मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए इसका असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है.सीमित आय में लगातार बढ़ती खाद्य कीमतों के बीच घरेलू बजट को संतुलित करना चुनौती बनता जा रहा है. लोगों की मांग है कि सरकार जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी और नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.
इंजीनियरिंग कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सविता दीक्षित ने कहा कि चाय की चुस्की के साथ शुरू होने वाली सुबह अब चीनी की बढ़ती कीमतों के कारण महंगी हो गई है.उन्होंने बताया कि करीब 20 दिन पहले जो चीनी लगभग ₹45 किलो में खरीदी थी, वही अब ₹65 किलो तक पहुंच गई है.उनका कहना है कि एक-दो रुपये की बढ़ोतरी अलग बात है, लेकिन इतनी कम अवधि में ₹20 प्रति किलो की वृद्धि आम परिवार के बजट पर असर डालती है.
चीनी के बढ़ते दाम का सीधा असर आने वाले त्योहारों और शादी के सीजन पर भी पड़ सकता है. भोपाल के 6 नंबर क्षेत्र स्थित बाजार के मिठाई विक्रेता विनीत के अनुसार, चीनी महंगी होने से मिठाई कारोबार की लागत बढ़ रही है.त्योहारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ यदि चीनी के दाम और बढ़ते हैं तो इसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ना तय है.
व्यापारियों के अनुसार चीनी के अलावा काजू, ड्राई फ्रूट्स और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले अन्य कच्चे माल की कीमतें भी ऊंची हैं. ऐसे में आने वाले समय में मिठाइयों के दाम करीब 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
चीनी की कीमतों में तेजी की एक वजह गन्ने और उससे जुड़े उत्पादों का एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल भी माना जा रहा है. व्यापारियों का कहना है कि गन्ने की उपलब्धता और उसके उपयोग का असर चीनी के उत्पादन और बाजार में उपलब्धता पर पड़ सकता है. हालांकि, बाजार की पूरी तेजी के लिए केवल एथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। कीमतों पर उत्पादन, उपलब्धता, मांग और बाजार की अन्य परिस्थितियों का भी असर पड़ता है.
आने वाले त्योहारों में मिठाई, चाय और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की संभावना है. ऐसे में यदि चीनी की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो इसका असर सीधे उपभोक्ताओं की जेब पर दिखाई दे सकता है. फिलहाल करीब ₹65 किलो बिक रही चीनी के त्योहारों तक ₹70 के पार जाने की आशंका व्यापारियों ने जताई है.
लगातार बढ़ती खाद्य कीमतों के बीच अब आम उपभोक्ताओं की नजर सरकार के कदमों पर है.लोगों को उम्मीद है कि जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जल्द प्रभावी उपाय किए जाएंगे, ताकि त्योहारों के मौसम में महंगाई का अतिरिक्त बोझ परिवारों पर न पड़े.
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