
झींगा प्रोसेसिंग फैक्टरी में अमोनिया गैस लीकतमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक झींगा प्रोसेसिंग फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया. इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 65 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना पेरियापालयम के पास कन्निगाइपैर स्थित सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स यूनिट में हुई. गैस रिसाव के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे कई कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होने लगीं. प्रभावित लोगों में ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों से आए प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं. हादसे के तुरंत बाद सभी पीड़ितों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है.
घटना की जानकारी मिलते ही अरक्कोनम स्थित राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चौथी बटालियन को अलर्ट किया गया. इसके बाद चेन्नई से करीब 30 NDRF कर्मियों की विशेष टीम मौके पर पहुंची और राहत और बचाव अभियान शुरू किया है. रेस्क्यू टीम अपने साथ पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE), गैस डिटेक्शन डिवाइस और विशेष CBRN (केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर) रेस्क्यू उपकरण लेकर पहुंची. टीम ने इलाके की जांच की और गैस के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए. प्रशासन की ओर से हादसे की जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, अमोनिया गैस के रिसाव की वजह से यह दुर्घटना हुई है. अधिकारी घटना के कारणों का पता लगाने और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा में जुटे हैं.
घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की विशेष टीम ने गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों का प्राथमिक उपचार किया. इसके बाद तीन गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के जरिए चेन्नई स्थित स्टेनली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचाया गया. बता दें कि अमोनिया गैस का इस्तेमाल आमतौर पर कोल्ड स्टोरेज और सीफूड प्रोसेसिंग यूनिट्स में रेफ्रिजरेशन सिस्टम के लिए किया जाता है. वहीं, राज्य के मंत्री कुमार ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि हादसे में 60 महिलाएं और 4 पुरुष प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

हादसे के बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. शुरुआती कार्रवाई के तहत फैक्ट्री के दो मालिकों को हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है. वहीं, इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जिसमें औद्योगिक सुरक्षा और स्वास्थ्य निदेशक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव और लोक स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त निदेशक को शामिल किया गया है. समिति को 24 घंटे के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और तीन दिनों के भीतर अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
मुख्यमंत्री ने राज्य के आईटी मंत्री और तिरुवल्लूर जिले के प्रभारी मंत्री को भी तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं. साथ ही मॉनिटरिंग अधिकारी डॉ. के.पी. कार्तिकेयन (IAS) को जिला कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को कहा गया है.
वहीं, घटना को लेकर मुख्यमंत्री थलपति विजय ने हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. सरकार ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
इस घटना पर तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने दुख जाहिर की है. तमिलनाडु लोकभवन की तरफ से एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा गया- 'तिरुवल्लूर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में एक झींगा प्रोसेसिंग फैक्टरी में अमोनिया गैस लीक की दुखद घटना से मुझे गहरा दुख हुआ है. इस घटना में कई लोगों की जान चली गई और कई कर्मचारी घायल हो गए. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं प्रार्थना करता हूं कि उन्हें इस मुश्किल समय में हिम्मत और हौसला मिले. मैं उन सभी लोगों के जल्द ठीक होने की भी प्रार्थना करता हूं जिनका इलाज चल रहा है और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं'.
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