आंधी-बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए मिलेगा मुआवजा, 24 जून तक करें आवेदन

आंधी-बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए मिलेगा मुआवजा, 24 जून तक करें आवेदन

बिहार के किसानों के लिए राहत की खबर है. आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को अब सरकार आर्थिक सहायता देगी. कृषि इनपुट अनुदान योजना-2026 के तहत किसान 24 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

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आंधी-बारिश से बर्बाद हुई फसलों के लिए मिलेगा मुआवजा, 24 जून तक करें आवेदनबर्बाद हुई फसलों के लिए मिलेगा मुआवजा

बिहार के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है. साल 2026 में मई महीने तक आई आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना-2026 के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस योजना के माध्यम से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को सरकार की ओर से सहायता राशि दी जाएगी. बिहार कृषि विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, प्रभावित किसान ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं. आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 जून 2026 तय की गई है. किसान समय से आवेदन कर नुकसान की भरपाई के लिए मिलने वाली सहायता राशि प्राप्त कर सकते हैं.

किन किसानों को मिलेगा लाभ?

यह योजना उन किसानों के लिए है, जिनकी फसल को आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान पहुंचा है. प्रभावित 130 पंचायतों के किसान ऑनलाइन आवेदन कर कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ उठा सकते हैं. वहीं, ये इस योजना का लाभ पूर्णिया, किशनगंज, मधुबनी और सुपौल के किसान उठा सकते हैं.

कितनी मिलेगी अनुदान राशि?

फसल नुकसान के आधार पर किसानों को अलग-अलग दर से सहायता राशि दी जाएगी.

  • बारिश आधारित (असिंचित) फसल क्षेत्र के लिए किसानों को 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी.
  • सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा.
  • बहुवर्षीय फसल (गन्ना सहित) के नुकसान पर 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता राशि दी जाएगी.

हालांकि, यह अनुदान अधिकतम 2 हेक्टेयर भूमि तक ही दिया जाएगा. योजना के तहत असिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए न्यूनतम 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसल के लिए न्यूनतम 2,500 रुपये अनुदान राशि तय की गई है.

कौन-कौन किसान कर सकते हैं आवेदन?

कृषि इनपुट अनुदान योजना का लाभ रजिस्टर्ड रैयत किसान और गैर-रैयत किसान दोनों ले सकते हैं. ये योजना केवल किसान या किसान परिवार के लिए मान्य है. किसान परिवार में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल माने जाएंगे. आवेदन करते समय किसान को अपने परिवार की जानकारी और आधार से जुड़ी जरूरी जानकारी देनी होगी.

गैर-रैयत किसानों के लिए भी सुविधा

जो किसान अपनी जमीन पर खेती नहीं करते हैं, लेकिन खेती से जुड़े हैं, वे भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इसके लिए उन्हें संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे. गैर-रैयत किसान परिवार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि जैसे वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच द्वारा सत्यापित प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी. 

किसान ऐसे कर सकते हैं आवेदन

किसान बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा DBT Agriculture Bihar Portal के माध्यम से भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध है. आवेदन के लिए किसानों को अपनी जरूरी जानकारी, बैंक खाता विवरण और फसल नुकसान से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी. किसान किसी भी जानकारी या सहायता के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं या अपने जिले के कृषि पदाधिकारी से जानकारी ले सकते हैं. सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता देना और उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में मदद करना है. ऐसे में प्रभावित किसान समय रहते आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं. 

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