एम्स भोपाल का हरित मिशन: 100 दिनों में 30 हजार सीड बॉल्स तैयार कर बढ़ाएंगे हरियाली

एम्स भोपाल का हरित मिशन: 100 दिनों में 30 हजार सीड बॉल्स तैयार कर बढ़ाएंगे हरियाली

एम्स भोपाल ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में ‘100 डेज सीड बॉल्स अभियान’ शुरू किया है. 100 दिनों में 30 हजार सीड बॉल्स तैयार कर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में फैलाया जाएगा

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एम्स भोपाल का हरित मिशन: 100 दिनों में 30 हजार सीड बॉल्स तैयार कर बढ़ाएंगे हरियाली

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स भोपाल ने एक अनूठी पहल शुरू की है.विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2026 से एम्स भोपाल के स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र द्वारा ‘100 डेज सीड बॉल्स अभियान’ की शुरुआत की गई है. यह अभियान 12 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसके तहत अगले 100 दिनों में 30 हजार सीड बॉल्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य एम्स भोपाल के संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ते हुए हरित और सतत भविष्य के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है. संस्थान का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें योगदान देना चाहिए.

मिट्टी, खाद और बीज से तैयार होंगे सीड बॉल्स

अभियान के अंतर्गत प्रतिभागी मिट्टी, जैविक खाद और विभिन्न पौधों के बीजों का उपयोग कर सीड बॉल्स तैयार करेंगे.ये सीड बॉल्स पर्यावरण के अनुकूल तकनीक का एक सरल और प्रभावी माध्यम हैं, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण को बढ़ावा दिया जा सकता है.

स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र ने सामूहिक प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 30,000 सीड बॉल्स तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. तैयार किए गए सीड बॉल्स को भोपाल और आसपास के क्षेत्रों, वन क्षेत्रों, पार्कों, सड़क किनारों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर फैलाया जाएगा.

वर्षा ऋतु में प्राकृतिक रूप से विकसित होंगे पौधे

विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा ऋतु के दौरान इन सीड बॉल्स को पर्याप्त नमी मिलने पर बीज अंकुरित हो जाते हैं और धीरे-धीरे पौधों तथा वृक्षों का रूप ले लेते हैं.अनुमान है कि तैयार किए गए सीड बॉल्स में से लगभग 50 से 80 प्रतिशत तक सफलतापूर्वक पौधों में परिवर्तित हो सकते हैं.

इससे न केवल हरित आवरण में वृद्धि होगी, बल्कि जैव विविधता को भी प्रोत्साहन मिलेगा.साथ ही यह पहल जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.

पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने की पहल

एम्स भोपाल का यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना और उन्हें प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित करना भी है.संस्थान का मानना है कि छोटे-छोटे सामूहिक प्रयास बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं.

‘100 डेज सीड बॉल्स अभियान’ के माध्यम से एम्स भोपाल समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए एक हरित, स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देने जा रहा है.

 

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