क्या होतेे हैं जीएम सीड्स, सरसों की खेती शुरू करने को लेकर क्यों हो रहा है देश में विवाद, जानें पूरी बात

क्या होतेे हैं जीएम सीड्स, सरसों की खेती शुरू करने को लेकर क्यों हो रहा है देश में विवाद, जानें पूरी बात

जीएम सीड्स को लेकर चल रहा विवाद इन दिनों सुर्खियों में है. जान लीजिए क्या है ये विवाद, क्या हैं इसके विरोध के कारण और क्या हो सकता है इसका लाभ

Advertisement
क्या होते हैं जीएम बीज, क्या है जीएम सरसों से जुड़ा विवाद, जानें पूरी बातGM Mustard

इस समय देश में सरसों के जीएम सीड्स यानी जेनेटिकली मॉडिफाइड बीज (Genetically Modified Seeds) को लेकर हंगामा मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि इससे देश में सरसों की फसल बढ़ जाएगी और खाद्य तेलों यानी एडिबल ऑयल के मामले में भारत आत्मनिर्भर हो जाएगा, लेकिन कई वैज्ञानिक इसे इंसान और खेत दोनों के लिए खतरनाक बता रहे हैं. तो क्या आप जानते हैं कि जेनेटिकली मॉडिफाइड बीज क्या होते हैं और जीएम सरसों को कैसे तैयार किया गया है?

क्या होते हैं जीएम बीज (What are GM Seeds)
सामान्य शब्दों में कहा जाए तो पौधों के जीन यानी DNA बदल देने के बाद जो बीज तैयार होता है, उसे GM सीड्स कहते हैं.  बायो इंजीनियरिंग से जुड़े वैज्ञानिक पौधों की जेनेटिक्स को समझते हैं. यानी वह पौधे के कुदरती DNA का पता लगा सकते हैं. उसके बाद उसमें कृत्रिम ढंग से कुछ एलियन जीन्स डाले जाते हैं, जिससे पौधे का मूल DNA बदल जाता है. अगर किसी पौधे का जीन बदल दिया जाए और उसे मूल रूप से अलग कर दिया जाए, तो इससे तैयार सीड्स को जीएम सीड कहा जाता है.

कैसे तैयार होते हैं जीएम बीज 
1982 में पहली बार तंबाकू पर इसका प्रयोग किया गया था और जीएम सीड्स तैयार किए गए थे. देखा ये जाता है कि अगर किसी फसल में पानी ज्यादा लग रहा हो, उसे खास किस्म के रोग ज्यादा लग रहे हों या फिर कीड़े ज्यादा लग रहे हों, जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हों, तो उनकी जीन बदल दी जाती है. उसका DNA कुछ इस तरह का तैयार किया जाता है कि पानी की कम जरूरत पड़ने से उस फसल की लागत कम हो जाए. उसे जो रोग लगते रहे हैं वो रोग ना लगें और जब फसल तैयार हो तो उसपर कीड़े भी कम लगें. यानी पौधे को ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए वैज्ञानिक उसकी जीन बदल देते हैं.

क्या है जीएम मस्टर्ड से जुड़ा विवाद
अब बात आती है जीएम सरसों की. दावा किया जा रहा है कि जीएम सरसों से देश में सरसों के तेल का उत्पादन 28 परसेंट तक बढ़ जाएगा. अब प्रश्न ये उठ रहा है कि जब जीएम बीज से किसान बंपर सरसों उगा सकता है तो फिर इसका विरोध क्यों किया जा रहा है? तो इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि जीएम सीड्स से किसान हर साल बीज खरीदने को मजबूर हो जाएगा. यानी बीज के मामले में किसान आत्मनिर्भर नहीं रह जाएगा. दूसरा ये कि जीएम बीज आने के बावजूद फसल को नए रोग और नए कीड़े लग सकते हैं. जिससे देश का किसान कीटनाशक बनाने वाली मल्टी नेशनल कंपनियों के चंगुल में फंस सकता है. 

POST A COMMENT