एपीडा की पहल से ओमान निर्यात होंगे वाराणसी के बिस्किट (सांकेतिक तस्वीर)पूर्वी उत्तर प्रदेश के फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए एक नई शुरुआत हुई है. कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) की पहल से वाराणसी से पहली बार बिस्किट का निर्यात ओमान के लिए किया गया है. भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद यह पहली खेप मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र के प्रोसेस्ड फूड निर्यात को नई गति मिलने की उम्मीद है. इस पहली खेप में 40 टन बिस्किट शामिल हैं, जिन्हें वाराणसी स्थित कंपनी श्री तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज ने तैयार किया है. इस निर्यात के जरिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के खाद्य उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने के साथ-साथ वैल्यू एडेड फूड प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.
बिस्किट की खेप को पहले वाराणसी से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो (ICD) भेजा जाएगा, जहां सीमा शुल्क से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होंगी. इसके बाद यह खेप मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) के जरिए समुद्री मार्ग से ओमान के लिए रवाना की जाएगी.
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली APEDA ने निर्यातक को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर सहयोग दिया है. संस्था ने कंपनी को AAHAR 2026 और Gulfood 2026 जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों में भाग लेने का अवसर उपलब्ध कराया. इससे वाराणसी क्षेत्र के उत्पाद विदेशी खरीदारों तक पहुंचे और नए निर्यात अवसर बने.
भारत और ओमान के बीच लागू CEPA को दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने वाला अहम समझौता माना जा रहा है. इस समझौते के तहत भारतीय कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को बेहतर बाजार पहुंच मिलने की संभावना है. इससे उभरते हुए कृषि प्रसंस्करण और विनिर्माण केंद्रों के निर्यातकों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.
APEDA के अनुसार, आने वाले महीनों में ओमान के लिए प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की अन्य खेप भी भेजने की तैयारी की जा रही है. खाड़ी देशों में बढ़ती मांग को देखते हुए यह पहल पूर्वी उत्तर प्रदेश के निर्यात आधार को मजबूत करने के साथ-साथ देश के गैर-पारंपरिक निर्यात केंद्रों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
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