UP Clean Air Plan: खेती से लेकर सड़कों तक बदलाव की तैयारी, यूपी-केंद्र सरकार का वर्ल्‍ड बैंक के साथ समझौता

UP Clean Air Plan: खेती से लेकर सड़कों तक बदलाव की तैयारी, यूपी-केंद्र सरकार का वर्ल्‍ड बैंक के साथ समझौता

उत्तर प्रदेश में प्रदूषण कम करने के लिए केंद्र, राज्य सरकार और वर्ल्ड बैंक के बीच बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें खेती, ट्रांसपोर्ट और उद्योग में बदलाव की तैयारी है. योजना के तहत किसानों को खाद के सही उपयोग, साफ ईंधन और नई तकनीकों पर जोर दिया जाएगा.

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UP Clean Air Plan: खेती से लेकर सड़कों तक बदलाव की तैयारी, यूपी-केंद्र सरकार का वर्ल्‍ड बैंक के साथ समझौतायूपी में साफ हवा के लिए वर्ल्‍ड बैंक के साथ समझौता (सांकेतिक तस्‍वीर)

उत्तर प्रदेश में प्रदूषण कम करने के लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार और वर्ल्ड बैंक के बीच बड़ा समझौता हुआ है. इस योजना के तहत खेती, उद्योग और ट्रांसपोर्ट जैसे मुख्य क्षेत्रों में एक साथ काम किया जाएगा, ताकि हवा की गुणवत्ता सुधारी जा सके और लोगों को बेहतर जीवन मिल सके. साथ ही युवाओं और महि‍लाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे. यह समझौता 16 मार्च को केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की संयुक्त सचिव जूही मुखर्जी, उत्तर प्रदेश की ओर से क्लीन एयर मैनेजमेंट अथॉरिटी की सीईओ और पर्यावरण विभाग की सचिव बी. चंद्रकला, और वर्ल्ड बैंक की ओर से भारत के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी के बीच साइन हुआ.

प्‍लान में खेती पर खास फोकस

करीब 299.66 मिलियन डॉलर की इस योजना में सबसे ज्यादा ध्यान खेती पर दिया गया है. किसानों को उर्वरकों का सही और संतुलित इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जिससे फसल उत्पादन बढ़ेगा और खेतों से होने वाला प्रदूषण कम होगा.

योजना के तहत राज्य में करीब 200 नए एयर क्वालिटी मॉनिटर लगाए जाएंगे, जिससे हवा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके. इसके अलावा करीब 39 लाख परिवारों को साफ कुकिंग ईंधन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि घरों के अंदर होने वाला प्रदूषण घट सके. 700 से ज्यादा ईंट भट्ठों को भी नई तकनीक में बदला जाएगा.

ट्रांसपोर्ट और इंडस्‍ट्री में होंगे ये बदलाव

प्‍लान के तहत परिवहन और उद्योग क्षेत्र में भी बदलाव होंगे. इलेक्ट्रिक बसों और तीन पहिया वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि छोटे उद्योगों में साफ तकनीक और उत्सर्जन की निगरानी बढ़ाई जाएगी. इस पूरी योजना में निजी क्षेत्र से भी करीब 150 मिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है.

सीएम योगी ने कही ये बात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब विकास के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि साफ हवा और स्वस्थ जीवन की दिशा में भी बड़ा कदम है.

वहीं, वर्ल्ड बैंक के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि इस योजना के जरिए ट्रांसपोर्ट और एमएसएमई सेक्टर में निवेश बढ़ेगा. इलेक्ट्रिक वाहनों और साफ तकनीक के इस्तेमाल से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे.

10 साल के लिए लागू होगी योजना

यह योजना 10 साल की अवधि के लिए लागू की जाएगी, जिसमें शुरुआती दो साल का ग्रेस पीरियड भी शामिल है. यह पहल खेत से लेकर शहर तक हर स्तर पर बदलाव लाकर प्रदूषण कम करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.

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