लू से बढ़ी स्वास्थ्य समस्याएं (AI Image)महाराष्ट्र में तेज गर्मी ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है. राज्य में लू के बीच हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 मार्च से 9 मई के बीच 229 हीटस्ट्रोक के मामले सामने आए हैं. इस दौरान पांच लोगों की मौत की खबर है, जिनमें दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन मामलों की जांच जारी है. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में छत्रपति संभाजीनगर सबसे आगे है, जहां 79 मामले सामने आए हैं. इसके बाद नंदुरबार में 29, नासिक में 19, अमरावती में 12, बुलढाणा में 11 और गढ़चिरौली में 8 मामले दर्ज किए गए हैं. इसके अलावा अकोला, अहिल्यानगर, रत्नागिरी, वर्धा और यवतमाल में भी गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़े हैं.
लातूर जिले के निलंगा इलाके में 60 वर्षीय किसान की हीटस्ट्रोक से मौत की पुष्टि हुई है. वहीं, जलगांव में 34 साल के एक फल विक्रेता की भी तेज गर्मी में लंबे समय तक रहने के कारण मौत होने की बात सामने आई है. प्रदेश में भीषण गर्मी अब सीधे जान के लिए खतरा बन रही है.
अकोला के सरकारी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. मुकुंद अष्टपुत्रे ने बताया कि तेज गर्मी आंखों पर भी असर डाल रही है. ज्यादा गर्मी में आंखों की नमी तेजी से कम होती है, जिससे ड्राई आई की समस्या बढ़ रही है. मरीजों में जलन, लालिमा, खुजली और धुंधला दिखने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं. डॉक्टरों ने लोगों को विटामिन A, C और E से भरपूर आहार लेने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है.
वहीं, पुणे के डॉक्टर अविनाश भोंडवे (फिजिशियन) ने बताया कि तेज गर्मी के दौरान शरीर का रक्त प्रवाह त्वचा की ओर बढ़ जाता है, जिससे पाचन तंत्र प्रभावित होता है. इससे पेट फूलना, भारीपन, सूजन और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. साथ ही डिहाइड्रेशन के कारण कब्ज की समस्या भी बढ़ रही है. गर्म मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग और पेट संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
वहीं, डॉ. राजकुमार आंबड ने बताया कि डिहाइड्रेशन के कारण किडनी से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ रही हैं. पानी की कमी से पेशाब गाढ़ा हो जाता है, जिससे किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है. डायलिसिस कराने वाले मरीजों के लिए यह समय और भी जोखिम भरा है, क्योंकि उनमें ब्लड प्रेशर गिरने और थकावट की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है.
डॉक्टर्स का कहना है कि तेज गर्मी शरीर के लिए बड़ा तनाव पैदा करती है, जिससे दिल और किडनी पर भी असर पड़ता है. लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए और शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today