तुकाराम मुंढेफिल्मों में आपने ऐसे हीरो जरूर देखे होंगे, जो व्यवस्था की खामियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हैं और लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते हैं. लेकिन इन दिनों महाराष्ट्र में एक अफसर की छवि कुछ ऐसी ही बन गई है. नाम है IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे. सोशल मीडिया पर लोग उन्हें अब 'रियल सिंघम' कह रहे हैं. आलम यह है कि खाने में गंदगी से लेकर होटल की सफाई तक, किसी भी शिकायत के सामने आते ही लोग सीधे तुकाराम मुंढे को टैग करने लगे हैं.
तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर हैं. हाल के महीनों में खाद्य सुरक्षा को लेकर उनकी कार्रवाई काफी चर्चा में रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब तीन महीने में उन्होंने 1100 से ज्यादा छापे मारे और 165 लाइसेंस सस्पेंड किए. नकली पनीर के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. यहां तक कि हाई कोर्ट की कैंटीन भी उनकी कार्रवाई के दायरे में आई.
यही नहीं, सरोगेट विज्ञापन को लेकर अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भी नोटिस जारी किए गए. लगातार एक्शन लेने की वजह से सोशल मीडिया पर तुकाराम मुंढे की छवि एक ऐसे अधिकारी की बन रही है, जो शिकायत सुनने के बजाय सीधे कार्रवाई के लिए पहचाने जा रहे हैं.
तुकाराम मुंढे की चर्चा अब आम लोगों तक सीमित नहीं है. हाल ही में अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने भी खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायत सोशल मीडिया पर साझा की. उन्होंने ऑनलाइन एनर्जी ड्रिंक ऑर्डर किया था, लेकिन पैकेट खोलने के बाद उसमें कॉकरोच दिखाई देने का दावा किया.
इसके बाद अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में तुकाराम मुंढे को टैग करते हुए मदद की अपील की. उनका पोस्ट सामने आते ही लोगों ने भी खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए. यानी अब सोशल मीडिया पर किसी खाने की चीज में गड़बड़ी दिखी नहीं कि लोग पूछने लगते हैं- 'तुकाराम मुंढे जी को टैग किया क्या?'
सोशल मीडिया पर तुकाराम मुंढे को टैग करने का सिलसिला तेजी से बढ़ रहा है. मुंबई के गोवंडी स्थित शिवाजी नगर में खाने से जुड़ा एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक यूजर ने तुकाराम मुंढे को टैग करते हुए कार्रवाई की मांग की.
पोस्ट पर कमेंट करते हुए कई लोगों ने कहा कि ऐसे मामलों का 'इलाज' अब सिर्फ तुकाराम मुंढे ही कर सकते हैं. किसी ने खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठाया तो किसी ने सीधे अफसर को टैग कर दिया. सोशल मीडिया की भाषा में कहें तो मुंढे अब शिकायतों के लिए 'गो-टू ऑफिसर' बनते जा रहे हैं.
एक यूजर ने अपने PG में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. पोस्ट वायरल होते ही लोगों ने सलाह दी कि इस मामले में तुकाराम मुंढे को टैग किया जाना चाहिए.
इतना ही नहीं, कुछ यूजर्स तो उन्हें कंज्यूमर मिनिस्टर बनाने की मांग तक करने लगे. सड़क किनारे फैली गंदगी को लेकर भी लोगों ने उन्हें टैग किया और कहा कि अगर वह डेयरी और खाद्य क्षेत्र में कार्रवाई कर सकते हैं तो दूसरे इलाकों में भी व्यवस्था सुधर सकती है.
एक यूजर ने होटल में सफाई व्यवस्था का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि 'तुकाराम मुंढे ने सबको काम पर लगा दिया है.' वहीं, एक अन्य यूजर ने स्टेशन पर खाने से जुड़ी लापरवाही का वीडियो शेयर किया और कार्रवाई की उम्मीद में तुकाराम मुंढे को टैग किया.
इन पोस्ट से साफ है कि सोशल मीडिया पर उनकी एक अलग तरह की छवि बन चुकी है. जहां लोगों को खाने में मिलावट, गंदगी या लापरवाही नजर आती है, वहां शिकायत के साथ एक नाम लगभग तय दिखाई देता है- तुकाराम मुंढे.
किसी फिल्मी हीरो की तरह ताबड़तोड़ कार्रवाई करने वाले अधिकारी की छवि ने तुकाराम मुंढे को सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय बना दिया है. लोग उनकी कार्रवाई को लेकर मीम्स और पोस्ट शेयर कर रहे हैं और उन्हें 'रियल सिंघम' तक कह रहे हैं.
हालांकि सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी की लोकप्रियता से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर नियमों के मुताबिक कार्रवाई हो. लेकिन फिलहाल इतना जरूर है कि जहां खाने में गंदगी दिख रही है, वहां सोशल मीडिया पर लोग एक ही नाम पुकार रहे हैं- 'तुकाराम मुंढे जी, आप कहां हैं?'
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