महाराष्ट्र के 19 और सूखे प्रभावित तालुकाओं का होगा सर्वे, सरकार ने दिए तुरंत जांच के आदेश

महाराष्ट्र के 19 और सूखे प्रभावित तालुकाओं का होगा सर्वे, सरकार ने दिए तुरंत जांच के आदेश

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार ने 19 और तालुकाओं में फसल नुकसान का सर्वे कराने का आदेश दिया है. इन इलाकों में पांच प्रमुख फसलों का 20 फीसदी सर्वे किया जाएगा. अधिकारियों को खेतों में जाकर स्थिति की जांच करने और जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं.

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महाराष्ट्र के 19 और सूखे प्रभावित तालुकाओं का होगा सर्वे, सरकार ने दिए तुरंत जांच के आदेशसूखे प्रभावित तालुकाओं का होगा सर्वे

महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 19 और तालुकाओं में सूखे का सर्वे कराने का फैसला किया है. इन इलाकों में पांच प्रमुख फसलों का 20 प्रतिशत सर्वे किया जाएगा. अधिकारी खेतों में जाकर फसल की स्थिति और नुकसान की जानकारी जुटाएंगे. सरकार ने सर्वे की रिपोर्ट जल्द सौंपने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले राज्य के 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है. अब जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद 19 और तालुकाओं को सर्वे में शामिल किया गया है.

इन 19 तालुकाओं में होगा सर्वे

नए सर्वे के लिए नांदेड़ के मुदखेड़, मुखेड़ और अर्धापुर, चंद्रपुर के जिवती, ब्रह्मपुरी और बल्लारपुर, गोंदिया के आमगांव, देवरी, सालेकसा और गोंदिया, वर्धा के करंजा, भंडारा के मोहाड़ी और तुमसर, नासिक के त्र्यंबकेश्वर, चांदवड़ और निफाड़, सतारा के पाटन और सांगली के शिराला और वालवा तालुका को शामिल किया गया है. सरकार ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि 'ट्रिगर-1' सूची में शामिल नहीं होने वाले ऐसे दूसरे तालुकाओं की भी जानकारी जुटाई जाए, जहां सूखे की स्थिति गंभीर है. इन इलाकों में जरूरत के हिसाब से राहत के उपाय किए जा सकते हैं.

फसल नुकसान का जल्द होगा आकलन

कैबिनेट की सूखा उप-समिति की बैठक में अधिकारियों को सूखा प्रभावित तालुकाओं में फसल नुकसान का आकलन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही किसानों और पशुपालकों के लिए चारे और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है. सरकार ने प्रशासन को किसानों, पशुपालकों और आम लोगों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों और कर्मचारियों को सूखा प्रभावित इलाकों में अपना मुख्यालय नहीं छोड़ने को भी कहा गया है, ताकि जरूरत के समय लोगों को मदद मिल सके.

किसानों से जबरन लोन वसूली नहीं

सूखा प्रभावित क्षेत्रों में कर्ज को लेकर भी सरकार ने निर्देश जारी किए हैं. राष्ट्रीयकृत बैंकों को सूखे से संबंधित सरकारी प्रस्ताव के अनुसार आरबीआई के दिशा-निर्देश लागू करने को कहा गया है. वहीं, सहकारिता विभाग को निजी बैंकों और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि सूखा प्रभावित लोगों से जबरन लोन की वसूली न की जाए.

चारे और पानी की व्यवस्था पर जोर

पशुपालन विभाग को आने वाले दिनों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध कराने की योजना बनाने को कहा गया है, जहां चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, वहां से चारे की कमी वाले क्षेत्रों तक इसे पहुंचाने के लिए साइलो प्रबंधन प्रणाली की संभावनाएं तलाशने और 15 दिनों के भीतर प्रभावी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, पानी की कमी वाले गांवों में भी राहत की तैयारी तेज करने को कहा गया है, जिन गांवों में बड़े टैंकर नहीं पहुंच सकते, वहां छोटे टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने सभी संबंधित विभागों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने को कहा है, ताकि सूखे की स्थिति में किसानों, पशुओं और आम लोगों को समय पर जरूरी मदद मिल सके. (PTI)

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